पटना, नरेश अग्रवाल : बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर गृह विभाग ने बड़ी उपलब्धियां गिनाईं। गृह विभाग के सचिव श्री प्रणव कुमार ने शुक्रवार को बताया कि इस वर्ष मई तक 64,733 मामलों में 86,760 अभियुक्तों को सजा दिलाई गई है। इसमें 2 को मृत्युदंड, 553 को आजीवन कारावास और 297 को 10 साल से अधिक की सजा मिली है। पिछले साल की तुलना में सजा दिलाने की दर में 25-30% की बढ़ोतरी हुई है।
सचिव ने कहा कि राज्य पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है। 2013 में 22 जिले प्रभावित थे, अब कोई जिला नक्सल प्रभावित नहीं है। इस साल अब तक नक्सलियों से मुठभेड़ की कोई घटना नहीं हुई और 58 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं।
डीजीपी श्री विनय कुमार ने बताया कि 90 के दशक में सालाना 6-6.5 हजार हत्याएं होती थीं जो अब घटकर 2-2.4 हजार रह गई हैं। हत्या, डकैती और दंगा के मामलों में क्रमश: 10.1%, 31.32% और 18.97% की कमी आई है। जून तक 2 लाख से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस दीदी` के लिए 1500 स्कूटी और पुलिसकर्मियों के लिए 3100 मोटरसाइकिल जल्द खरीदी जाएंगी। पुलिस में रेंज व्यवस्था खत्म कर फिर से जोनल व्यवस्था लागू की जाएगी। राज्य में पुलिसबल बढ़कर 1.21 लाख हो गया है। पिछले डेढ़ साल में 50 हजार से अधिक सिपाहियों की नियुक्ति हुई है।
साइबर अपराध पर DGP ने कहा कि सभी जिलों में साइबर थाना है। इस साल 2942 मामले दर्ज, 522 गिरफ्तार। ठगी गई राशि का 16% रिकवर कर पीड़ितों को लौटाया गया।
प्रेस वार्ता में ADG सुनील कुमार, विशेष सचिव क्षत्रनिल सिंह भी मौजूद थे।
