बिहार

अजीमाबाद अंचल में लंबित मोटेशन मामलों को रद्द करने का आरोप, नागरिक अधिकार मंच ने जांच की मांग की

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) नागरिक अधिकार मंच के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार के सचिव श्री अनिमेष पाराशर से मुलाकात कर पटना नगर निगम के अजीमाबाद अंचल में मोटेशन (नामांतरण) से जुड़े लंबित मामलों को कथित रूप से रद्द किए जाने और आम लोगों को हो रही परेशानियों के मामले में जांच की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मंच के संयोजक बलराम चौधरी ने किया। प्रतिनिधिमंडल में निगम पार्षद शोभा देवी, राम नारायण सिंह, देव रतन प्रसाद, शंभू शरण प्रसाद, मो. जावेद, रमेश कुमार सहित अन्य लोग शामिल रहे। मंच के अनुसार, अजीमाबाद अंचल की कार्यपालक पदाधिकारी सुश्री श्रेया कश्यप के स्तर से लगभग एक वर्ष से लंबित मोटेशन के कई मामलों को रद्द किए जाने का आरोप है। प्रतिनिधिमंडल ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने विभागीय सचिव के समक्ष मांग रखी कि रद्द किए गए सभी अभिलेखों और उनसे संबंधित मोटेशन की प्रक्रिया की जांच कराई जाए। साथ ही प्रक्रिया में सामने आ रही कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की भी जांच हो।

मंच ने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी पदाधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता अथवा लापरवाही प्रमाणित होती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि मोटेशन मामलों में अनावश्यक विलंब और प्रकरणों को रद्द किए जाने से आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे लोगों में आक्रोश भी है। मंच ने यह भी दावा किया कि ऐसी प्रक्रियाओं के कारण नगर निगम के राजस्व को भी नुकसान होने की आशंका है।

नागरिक अधिकार मंच ने सरकार और संबंधित विभाग से पूरे मामले की समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

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