हैदराबाद, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार की कृषि को जलवायु-अनुकूल, आधुनिक एवं टिकाऊ बनाने को लेकर हैदराबाद स्थित ICRISAT में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। कार्यक्रम में संस्थान के महानिदेशक, वरिष्ठ वैज्ञानिकों एवं पदाधिकारियों के साथ बिहार की कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श किया गया।
बदलते मौसम, अनियमित मानसून, बाढ़ और कम वर्षा जैसी चुनौतियों के बीच बिहार में श्री अन्न (Millets), फसल विविधीकरण एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान ICRISAT द्वारा विकसित डिजिटल क्रॉप सिस्टम का भी अवलोकन किया गया और कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक एवं डेटा आधारित समाधानों के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। ICRISAT, RPCAU पूसा एवं BAU सबौर के सहयोग से संचालित करीब ₹115.19 करोड़ की परियोजना के माध्यम से कृषि अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीक का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में ‘Lab to Land’ की अवधारणा को साकार करने पर जोर दिया गया, ताकि प्रयोगशालाओं में विकसित ज्ञान और तकनीक का वास्तविक लाभ किसानों के खेतों तक पहुंच सके। साथ ही उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और बाजार तक किसानों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। इस पहल का उद्देश्य श्री अन्न और प्राकृतिक खेती के माध्यम से समृद्ध किसान, स्वस्थ समाज और विकसित बिहार के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना है।
