पटना, पीयूष कुमार प्रियदशी : मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रतिदिन 1 करोड़ लीटर दुग्ध उत्पादन का है। दुग्ध क्षेत्र में नई क्रांति से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बिहार की नींव रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘सुधा’ ब्रांड को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सोमवार को नालंदा स्थित बिहारशरीफ डेयरी परियोजना परिसर में 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले दही एवं लस्सी प्लांट, COMFED द्वारा संचालित HPCL पेट्रोल पंप एवं सुधा कैफेटेरिया का शिलान्यास करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने 300 खुदरा विक्रेताओं के बीच डीप फ्रीजर वितरित किए, पशु उठाव एवं परिवहन वाहनों को हरी झंडी दिखाई और पशुपालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सुधा डेयरी प्लांट का निरीक्षण भी किया।
नालंदा बनेगा डेयरी हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा को बिहार का प्रमुख दुग्ध उत्पादन एवं डेयरी प्रोसेसिंग केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयों, शीत श्रृंखला और विपणन नेटवर्क के माध्यम से नालंदा को डेयरी उद्योग का महत्वपूर्ण हब बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 20 मीट्रिक टन क्षमता वाले दही-लस्सी प्लांट से किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
बकरी पालन और पशु स्वास्थ्य पर जोर
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए अलग फेडरेशन का गठन किया जाएगा। बकरी के दूध के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की व्यवस्था फेडरेशन के माध्यम से होगी। इससे लाखों ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं की आय बढ़ेगी। जीविका दीदियां इस क्षेत्र में अच्छा काम कर रही हैं।
पशुपालकों की सुविधा के लिए राज्य के प्रत्येक प्रखंड में प्रधानमंत्री पशु जन औषधि केंद्र स्थापित किए जाएंगे। कुल 1000 केंद्र बनाकर सस्ती और गुणवत्तापूर्ण पशु औषधियां उपलब्ध कराई जाएंगी। दुर्घटना में घायल पशुओं के इलाज के लिए पशु उठाव वाहन की सुविधा भी शुरू की गई है।
‘सुधा’ बनेगा ग्लोबल ब्रांड
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ राज्य की जरूरतें पूरी करना नहीं, बल्कि ‘सुधा’ को अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड बनाना है। गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और निर्यात क्षमता बढ़ाकर बिहार के दुग्ध उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जाएगा।
भारत के कुल दुग्ध उत्पादन में बिहार का हिस्सा 25 प्रतिशत है। राज्य में 2500 नई दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन किया गया है। पिछले 6-7 महीने में करीब 2000 समितियां बनी हैं। सुधा के 200 नए आउटलेट खोले जाएंगे, जिनमें से 88 स्थानों का चयन हो चुका है। सभी गांवों में सरकारी जमीन पर ग्रामीण हाट लगाकर दूध, सब्जी और मछली की बिक्री की व्यवस्था होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शुरू की गई परियोजनाएं श्वेत क्रांति को नई गति देंगी और विकसित बिहार के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगी।
कौन रहे उपस्थित
कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री श्री विजेन्द्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार और डेयरी मंत्री श्री नंद किशोर राम ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर विधायक डॉ. जितेंद्र कुमार, प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, सचिव श्री शीर्षत कपिल अशोक, जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री भारत सोनी सहित कॉम्फेड पदाधिकारी, जीविका दीदियां और बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित थे।
