बिहार

बिहार के 266 एपीएचसी अब बनेंगे लेवल-1 डिलीवरी पॉइंट, शुरू हुआ गैप असेसमेंट

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। इस व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए राज्य के चयनित 266 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को लेवल-1 (डिलीवरी पॉइंट) के रूप में पूरी तरह विकसित किया जाना है ताकि प्रसव सेवाओं का दायरा बढ़ाया जा सके। योजना के सफल कार्यान्वयन और प्रभावी योजना के लिए अभी सभी चयनित एपीएचसी का गैप असेसमेंट किया जा रहा है, जिससे वहां मौजूद बुनियादी संसाधनों और कमियों का सटीक आंकलन किया जा सके। मालूम हो कि राज्य में संस्थागत प्रसव के लिए पहले से 1016 डिलीवरी प्वाइंट बने हैं। इनमें से 434 डिलीवरी प्वाइंट्स एल—1 के पहले से मौजूद हैं।

इस पूरी पहल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एम्स पटना में एडिशनल प्रोफेसर डॉ इंदिरा प्रसाद कहती हैं कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को तेजी से कम करने के लिए एपीएचसी को लेवल-1 डिलीवरी पॉइंट के रूप में विकसित करना एक बेहद सराहनीय और क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने आगे बताया कि अक्सर ग्रामीण इलाकों के लोगों को सामान्य प्रसव के लिए भी शहरी क्षेत्रों या सदर अस्पतालों तक लंबी दौड़ लगानी पड़ती है, लेकिन जब इन 266 केंद्रों पर एमबीबीएस डॉक्टर, एसबीए ट्रेन्ड एएनएम और पैथोलॉजिकल जांच जैसी तमाम सुविधाएं धरातल पर उतरेंगी, तो ग्रामीण महिलाओं को समय पर और सही उपचार मिल सकेगा।

नजदीकी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रमुख उद्देश्य
266 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (ए.पी.एच.सी.) के सुदृढ़ीकरण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को सुरक्षित प्रसव, प्रसवपूर्व एवं प्रसवोत्तर देखभाल सहित बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उनके अपने नजदीकी क्षेत्र में ही उपलब्ध करवाना है। राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार, प्रत्येक चयनित ए.पी.एच.सी. के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सिविल सर्जन स्तर से हस्ताक्षरित भौतिक सत्यापन कराया जाना अनिवार्य किया गया है। इसके अंतर्गत प्रसव कक्ष के लिए उपलब्ध स्थान, एमबीबीएस और आयुष चिकित्सा अधिकारियों की कुल उपलब्धता, प्रसवपूर्व एवं प्रसवोत्तर वार्ड के लिए उपलब्ध स्थान, एएनएम की कुल संख्या के साथ-साथ एसबीए (दक्ष जन्म परिचारक) प्रशिक्षित एएनएम की स्थिति तथा प्रयोगशाला प्रावैधिकों (लैब तकनीशियनों) की उपलब्धता की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

Related posts

आपसी समन्वय एवं सहयोग से निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण सम्पन्न करावें चुनाव

‘सुधा’ को बनाएंगे अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड, नालंदा में दही-लस्सी प्लांट का शिलान्यास

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर दान गबन की जांच में फोरेंसिक ऑडिटर शामिल करने के दिए निर्देश

error: