पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) आवारा एवं निसहाय पशुओं के उपचार को सुलभ एवं किफायती बनाने की मांग को लेकर ह्यूमैनारो फाउंडेशन का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को बिहार लोक भवन पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन बिहार लोक भवन के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह (भा.प्र.से.) को सौंपते हुए बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सालयों में आवारा एवं निसहाय पशुओं के उपचार के लिए चिकित्सा शुल्क में रियायत अथवा पूर्ण शुल्क-माफी की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सालयों में ओपीडी के लिए ₹200 तथा आपातकालीन उपचार के लिए ₹300 शुल्क लिया जाता है। इसके अलावा एक्स-रे, सीटी स्कैन, रक्त जांच सहित अन्य चिकित्सीय जांचों के लिए भी अलग-अलग शुल्क निर्धारित हैं। फाउंडेशन का कहना है कि पशु-सेवी संगठनों और स्वयंसेवकों के लिए यह खर्च वहन करना कठिन है, इसलिए उपचार एवं जांच शुल्क में रियायत या पूर्ण शुल्क-माफी की व्यवस्था की जानी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि वर्तमान में पशु चिकित्सालयों में आवारा एवं निसहाय पशुओं के लिए किसी प्रकार की शुल्क रियायत उपलब्ध नहीं है, जिससे पशु कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत संगठनों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और जरूरतमंद पशुओं तक समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने में परेशानी होती है। फाउंडेशन की प्रदेश प्रमुख समृद्धि श्रीवास्तव ने आवारा एवं निसहाय पशुओं के लिए समर्पित पशु एम्बुलेंस सेवा शुरू करने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त, गंभीर रूप से बीमार और असहाय पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए यह सेवा अत्यंत आवश्यक है। बिहार लोक भवन के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि मामले पर संबंधित स्तर पर विचार कर उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ह्यूमैनारो फाउंडेशन के सह-संस्थापक कुमार विशाल ने किया। प्रतिनिधिमंडल में समृद्धि श्रीवास्तव, अंजलि प्रिया, आस्था आनंद तथा सुधीर कुमार जायसवाल शामिल थे।
