पटना, नरेश अग्रवाल : नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक में सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा – “जवाबदेही तय, गुणवत्ता सुनिश्चित”। आरोप एवं निगरानी प्रकोष्ठ तथा नगरपालिका प्रशासन के कामकाज की समीक्षा करते हुए मंत्री ने दागी अफसरों और फाइल पेंडेंसी पर जीरो टॉलरेंस की बात कही।
मंत्री के 5 बड़े ऐलान:
- दागी अफसर-कर्मी पर गाज:
मंत्री ने निर्देश दिया कि गंभीर प्रकृति के आरोपों वाले अधिकारियों और कर्मियों को चिन्हित कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए। प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- फाइल पेंडेंसी कार्रवाई:
लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि फाइलों की अनावश्यक पेंडेंसी न रखी जाए। जिन अफसरों के पास फाइलें ज्यादा दिनों तक लंबित हैं, उन्हें चिन्हित कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई होगी।
- SQM से होगी योजनाओं की जांच:
स्टेट क्वालिटी मॉनिटर (SQM) प्रणाली से नगर निगम क्षेत्र की विकास योजनाओं और आधारभूत संरचना प्रोजेक्ट्स की स्वतंत्र गुणवत्ता जांच होगी। इससे निर्माण में मानकों का पालन, पारदर्शिता और जवाबदेही तय होगी।
- आपदा के लिए हर नगर निगम होगा तैयार:
मंत्री ने निर्देश दिया कि संभावित आपदाओं को देखते हुए प्रत्येक नगर निगम को अत्याधुनिक मशीनों और संसाधनों से लैस किया जाए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो सके।
- DRR प्लान होगा मजबूत:
श्री मिश्रा ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) जरूरी है। इसके लिए जल-जमाव व बाढ़ प्रबंधन, नालों की नियमित सफाई, भवन निर्माण नियमावली का सख्त पालन, अग्नि सुरक्षा उपाय, आपदा पूर्व चेतावनी तंत्र और वार्ड स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।
मंत्री का विजन:
“इन उपायों से आपदाओं का असर कम होगा, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और शहरों को अधिक सुरक्षित, सक्षम एवं आपदा-प्रतिरोधी बनाया जा सकेगा।”
