फुलवारीशरीफ, अजित। फुलवारी शरीफ स्थित इस्लामिया टीचर्स ट्रेनिंग (बी.एड.) कॉलेज में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के तत्वावधान में आयोजित “रिसर्च मेथडोलॉजी” विषयक सप्ताहव्यापी फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सोमवार को समापन हो गया. कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों में शोध संबंधी कौशल विकसित करना, अनुसंधान की नवीन प्रवृत्तियों से अवगत कराना तथा अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देना था।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. तनवीर यूनुस ने कहा कि वर्तमान ज्ञान आधारित समाज में शोध की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है. एक शिक्षक के लिए केवल अध्यापन ही नहीं बल्कि शोध कार्यों में सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है. उन्होंने कहा कि रिसर्च मेथडोलॉजी का गहन ज्ञान शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान करने, नई शैक्षणिक समस्याओं का समाधान खोजने तथा शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने में सहायक होता है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर.के. अरुण ने कहा कि किसी भी शिक्षक शिक्षा संस्थान की पहचान उसके शिक्षकों की शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध अभिरुचि से होती है. उन्होंने कहा कि रिसर्च मेथडोलॉजी आधारित यह कार्यक्रम शिक्षकों को शोध की वैज्ञानिक प्रक्रिया, डेटा संग्रहण, विश्लेषण और शोध लेखन की बारीकियों को समझने का अवसर प्रदान करता है. भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा।
आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. अली इमाम ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शोध संस्कृति का विकास अत्यंत आवश्यक है. यह कार्यक्रम शिक्षकों को अनुसंधान के नए आयामों से परिचित कराने तथा शोध कार्यों के प्रति प्रेरित करने में उपयोगी साबित हुआ है।
कार्यक्रम की सह-समन्वयक डॉ. मंजुला ने कहा कि पूरे सप्ताह आयोजित विभिन्न अकादमिक सत्रों में शिक्षकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही. कार्यक्रम से प्राप्त ज्ञान और अनुभव शिक्षकों को शोध कार्यों में अधिक दक्ष बनाएंगे। सप्ताह भर चले इस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के दौरान शोध समस्या का चयन, शोध अभिकल्प, डेटा संग्रहण की विधियां, सांख्यिकीय विश्लेषण, शोध रिपोर्ट लेखन तथा शोध प्रकाशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान और संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए. कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही।
