पटना, अजित। पटना जिले के गौरीचक थाना क्षेत्र के सतौली गांव में गैर जमानती वारंटी की गिरफ्तारी के दौरान हुए हंगामे में एक पुलिस अधिकारी घायल हो गए. वहीं पुलिस ने गिरफ्तार वारंटी के घर से 7.62 एमएम के आठ जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं. घटना को लेकर पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है, जबकि मामले को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार शनिवार की देर रात गौरीचक थाना पुलिस गैर जमानती वारंटी जितेंद्र राय को गिरफ्तार करने सतौली गांव पहुंची थी. पुलिस टीम ने वारंटी को हिरासत में ले लिया था. इसी दौरान हुई अफरा-तफरी में गौरीचक थाना में पदस्थापित एएसआई ऋतिक रणवीर कुमार के पैर में पत्थर लग गया, जिससे वे घायल हो गए।
घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया और वारंटी जितेंद्र राय को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद उसके घर की तलाशी ली गई, जहां से 7.62 एमएम के आठ जिंदा कारतूस बरामद किए गए. पुलिस ने कारतूस जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार बरामद कारतूसों के संबंध में अलग से मामला दर्ज किया गया है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कारतूस किस हथियार के लिए रखे गए थे और उनका स्रोत क्या है। घायल एएसआई को उपचार के लिए पहले संपतचक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया. उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इधर घटना को लेकर प्रसारित खबरों पर गौरीचक थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि पुलिस टीम पर किसी तरह का संगठित हमला नहीं हुआ था. उन्होंने बताया कि वारंटी की गिरफ्तारी के दौरान घर के एक लगभग 10 वर्षीय बच्चे द्वारा फेंका गया पत्थर एएसआई ऋतिक रणवीर कुमार के पैर में लग गया था, जिससे उन्हें चोट आई।
थानाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस पर जानलेवा हमले की बात सही नहीं है और इस संबंध में चल रही कई खबरें भ्रामक हैं. उन्होंने बताया कि जितेंद्र राय को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है तथा कारतूस बरामदगी के मामले में भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सूत्रों के अनुसार घायल पुलिस अधिकारी द्वारा अपने जख्म का वीडियो कुछ लोगों के बीच साझा किए जाने के बाद मामला चर्चा में आया. इस संबंध में भी विभागीय स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. सीनियर अधिकारियों के अनुमति के बगैर जख्म का फोटो वीडियो वायरल करने वाले पुलिस ऑफिसर ऋतिक रणवीर के खिलाफ भी जांच के बाद कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल गौरीचक थाना पुलिस वारंटी की गिरफ्तारी, कारतूस बरामदगी तथा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।
