मुंगेर, पीयूष कुमार प्रियदर्शी : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मुंगेर के बबुआघाट में प्रस्तावित मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ परियोजना की समीक्षा की और स्थल निरीक्षण किया। CM ने कहा कि पटना की तर्ज पर यहां भी मरीन ड्राइव बनेगा और निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराएं।

परियोजना की खास बातें:
- दो फेज में बनेगा: सफियाबाद (मुंगेर)-बरियारपुर-घोरघट-सुल्तानगंज गंगा पथ 42 किमी और सुल्तानगंज-भागलपुर-सबौर गंगा पथ 41.33 किमी लंबा होगा।
- लागत व मॉडल: 5327 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर बनेगी। सरकार 40% और निजी डेवलपर 60% निवेश करेंगे। निर्माण अवधि 4 वर्ष है।
- डिजाइन: 4 लेन डिवाइडेड कैरिजवे होगा। कुल चौड़ाई 27 मीटर। मुंगेर-सुल्तानगंज खंड में 30.12 किमी एट-ग्रेड और 11.88 किमी एलिवेटेड होगा। सुल्तानगंज-सबौर में 30.77 किमी एट-ग्रेड, 10.56 किमी एलिवेटेड।
- घाटों का विकास: सुल्तानगंज-सबौर खंड में 34 घाटों को विकसित किया जाएगा। 5 टोल प्लाजा, बस बे, व्यू पॉइंट और विश्राम क्षेत्र भी बनेंगे।
CM के प्रमुख निर्देश:
- भू-अर्जन में तेजी लाकर काम शीघ्र शुरू कराएं।
- एलाइनमेंट ऐसा हो कि अधिक से अधिक पथों-पुलों से कनेक्टिविटी हो सके।
- एलिवेटेड कम से कम रखें, यथासंभव एट-ग्रेड बनाएं ताकि शहर सुरक्षा बांध का भी काम करे।
- मुंगेर से बरियारपुर के बीच नया शहर और औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन चिह्नित करें।
- मुंगेर एयरपोर्ट को विकसित करें, रात्रि लैंडिंग की व्यवस्था हो।
बिहार योग विद्यालय दौरा:
मुंगेर पहुंचने पर CM ने बिहार योग विद्यालय के पादुका दर्शन आश्रम में स्वामी निरंजनानंद सरस्वती से मुलाकात की। तिरुपति बालाजी की उत्सव मूर्ति का दर्शन कर आरती में शामिल हुए और राज्य की सुख-शांति की कामना की।
बैठक में मौजूद:
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, पथ निर्माण सचिव पंकज कुमार पाल, CM के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विधायक कुमार प्रणय, नचिकेता, MLC लाल मोहन गुप्ता समेत कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
फायदा:
यह कॉरिडोर मुंगेर-भागलपुर के बीच संपर्क सुधारेगा, ट्रैफिक दबाव कम करेगा और पर्यटन, धार्मिक स्थलों तक पहुंच व नदी तट विकास को बढ़ावा देगा। 699 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होगा।
