पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) जिला पदाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन एस. एम. द्वारा आज दिनांक 02.05.2026 को “दानापुर निजामत नगर परिषद” के रामजी चक क्षेत्र से ‘जनगणना 2027’ के प्रथम चरण (मकानों का सूचीकरण एवं मकानों की गणना का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने इसे जिले के लिए एक ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि यह पहल भविष्य की विकास योजनाओं के लिए सशक्त आधार प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों के संकलन की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह शासन-प्रशासन के लिए नीति निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण साधन है। सटीक और अद्यतन आंकड़ों के आधार पर ही सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना एवं सामाजिक कल्याण से संबंधित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सकती है।
प्रशासनिक संरचना : दो इकाइयों में विभाजन
जनगणना कार्य को सुचारू एवं कुशलतापूर्वक संचालित करने के उद्देश्य से पटना जिले को दो प्रशासनिक इकाइयों में विभाजित किया गया है। पटना नगर निगम क्षेत्र की जिम्मेदारी नगर आयुक्त को सौंपी गई है, जबकि शेष जिले—जिसमें ग्रामीण क्षेत्र एवं अन्य नगर निकाय शामिल हैं के कुल 40 चार्जों का दायित्व जिला पदाधिकारी स्वयं ‘प्रधान जनगणना अधिकारी’ के रूप में निभा रहे हैं।
मजबूत आधारभूत ढांचा एवं कार्यबल की तैनाती
जनगणना के सफल संचालन हेतु जिले में व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है। कुल 8,114 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) बनाए गए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि जिले के प्रत्येक घर तक पहुंच संभव हो सके।
ग्राउंड लेवल पर डेटा संग्रहण के लिए 7,963 प्रगणकों (Enumerators) की तैनाती की गई है। ये प्रगणक घर-घर जाकर नागरिकों से आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। इसके साथ ही 1,343 पर्यवेक्षक (Supervisors) को नियुक्त किया गया है, जो प्रगणकों के कार्य की निगरानी करेंगे तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे।
किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए 899 प्रगणक एवं 154 पर्यवेक्षकों का एक ‘रिजर्व पूल’ भी तैयार रखा गया है। यह पूल कार्य की निरंतरता बनाए रखने एवं किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिस्थापन सुनिश्चित करने में सहायक होगा।
डिजिटल जनगणना : तकनीक के साथ नई पहल
जिला पदाधिकारी ने बताया कि ‘जनगणना 2027’ देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है। इस बार आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे डेटा संग्रहण, संकलन एवं विश्लेषण की प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक एवं पारदर्शी हो सकेगी।
इस जनगणना की एक महत्वपूर्ण विशेषता ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की सुविधा है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। पटना जिले में इस पहल को व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है। अब तक लगभग 2.5 लाख से अधिक परिवारों ने स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर दी है।
जिला पदाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्होंने स्व-गणना कर ली है, तो प्रगणक के आगमन पर अपना रेफरेंस नंबर अवश्य साझा करें। इससे डेटा सत्यापन की प्रक्रिया तेज एवं सरल हो सकेगी।
डेटा गोपनीयता एवं सुरक्षा पर विशेष जोर
जनगणना के दौरान नागरिकों द्वारा साझा की गई जानकारी की गोपनीयता को लेकर जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सभी आंकड़े पूरी तरह सुरक्षित रखे जाएंगे और इनका उपयोग केवल सरकारी नीतियों एवं विकास योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। डेटा सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीकी उपाय अपनाए गए हैं, जिससे किसी भी प्रकार की जानकारी के दुरुपयोग की संभावना समाप्त हो जाती है।
विकास की योजनाओं में उपयोग
जिला पदाधिकारी ने बताया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य में विभिन्न विकास योजनाओं के निर्माण में सहायक होंगे। इन आंकड़ों के आधार पर क्षेत्र में अस्पताल, विद्यालय, सड़क, पेयजल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का समुचित विकास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सही आंकड़े उपलब्ध होने से संसाधनों का बेहतर वितरण संभव होगा और प्रत्येक क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार योजनाएं बनाई जा सकेंगी।
जनसहभागिता का महत्व
कार्यक्रम के अंत में जिला पदाधिकारी ने मीडिया एवं आम नागरिकों से इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनगणना एक सामूहिक प्रयास है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्रगणकों के साथ सहयोग करें, सही एवं सटीक जानकारी प्रदान करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें। मीडिया से उन्होंने सकारात्मक जागरूकता फैलाने और लोगों को इस अभियान के प्रति प्रेरित करने का आग्रह किया।
‘जनगणना 2027’ का प्रथम चरण पटना जिले में विकास की नई संभावनाओं का द्वार खोलता है। डिजिटल तकनीक, सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था एवं व्यापक जनसहभागिता के माध्यम से यह अभियान न केवल सफल होगा, बल्कि आने वाले समय में जिले के समग्र विकास की दिशा को भी सशक्त बनाएगा।
जिला प्रशासन इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता एवं दक्षता के साथ संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
