फुलवारीशरीफ, अजित। एम्स पटना के आर्थोपेडिक्स विभाग द्वारा “बेसिक नी ( घुटने की सर्जरी) आर्थ्रोस्कोपी कोर्स” विषय पर एक सफल सीएमई (सतत चिकित्सा शिक्षा) का आयोजन 25 अक्टूबर 2025 को किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्नातकोत्तर छात्रों और सीनियर रेजिडेंट्स को नी आर्थ्रोस्कोपी (घुटने की एंडोस्कोपिक सर्जरी) के मूल सिद्धांतों और व्यावहारिक कौशल की बेहतर समझ प्रदान करना था, जो आर्थोपेडिक सर्जरी का एक महत्वपूर्ण और तेजी से विकसित होता क्षेत्र है।
देश के विभिन्न प्रमुख चिकित्सा संस्थानों जैसे आईजीआईएमएस, पीएमसीएच, रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल, और अनुप इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स एंड रिहैबिलिटेशन के सदस्यों ने इस कोर्स में सक्रिय रूप से भाग लिया. सीएमई में विषय विशेषज्ञों द्वारा शिक्षाप्रद व्याख्यान, वीडियो प्रदर्शन, और बेसिक आर्थ्रोस्कोपिक इंस्ट्रूमेंटेशन एवं तकनीकों पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए गए।
इस सीएमई का आयोजन प्रो. (डॉ.) सुदीप कुमार, आयोजन अध्यक्ष और प्रो. (डॉ.) अनुप कुमार, सह-आयोजन अध्यक्ष के नेतृत्व में किया गया. विभाग के अन्य फैकल्टी सदस्य — डॉ. बालगोविंद एस. राजा, डॉ. रितेश पांडे, डॉ. अविनाश कुमार और डॉ. प्रभात अग्रवाल (एम्स पटना), डॉ. मनीष कुमार (आईजीआईएमएस, पटना) तथा डॉ. रवि कुमार (सीआईएसआरओ हॉस्पिटल, पटना) — भी उपस्थित रहे और कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रतिभागियों ने इस सीएमई में उत्साहपूर्वक भाग लिया और इंटरएक्टिव लर्निंग तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण के इस अवसर की सराहना की, जो आर्थ्रोस्कोपिक प्रक्रियाओं की बुनियादी समझ को और गहरा करने में सहायक सिद्ध हुआ।
यह उल्लेखनीय है कि एम्स पटना का आर्थोपेडिक्स विभाग नियमित रूप से उन मरीजों की सेवा करता है जिन्हें आर्थ्रोस्कोपिक सर्जरी की आवश्यकता होती है. एम्स पटना में प्रतिदिन घुटने और कंधे की अनेक आर्थ्रोस्कोपिक सर्जरियाँ की जाती हैं. इस सीएमई के माध्यम से विभाग का उद्देश्य आगामी पीढ़ी के सर्जनों को प्रशिक्षित करना है ताकि वे भविष्य में मरीजों की बढ़ती आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकें।
