अररिया, रंजीत ठाकुर जिले के भरगामा प्रखंड क्षेत्र में पंचायत कार्यालयों की स्थिति ठीक नहीं है। क्योंकि जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते यहां के अधिकतर पंचायत भवन आए दिन बंद हीं रहते हैं। बता दें कि हरिपुरकला,विषहरिया,नया भरगामा,धनेश्वरी,वीरनगर पश्चिम,रघुनाथपुर दक्षिण,वीरनगर पूरब, खजुरी, सिरसिया हनुमानगंज,खुटहा बैजनाथपुर,जयनगर, सिमरबनी, शंकरपुर, आदि रामपुर,पैकपार,रघुनाथपुर उत्तर, सिरसियाकला,कुसमौल के स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर जिस उद्देश्य से पंचायत भवन का निर्माण किया गया था उसका कोई लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। लोगों ने बताया कि कई बार वरीय पदाधिकारियों को इसकी शिकायत की गई, लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बताते चलें कि ग्रामीणों की शिकायत पर सोमवार को इसकी पड़ताल की गई तो 12 बजे तक सिमरबनी,शंकरपुर, जयनगर,कुशमौल,सिरसियाकला,सिरसिया हनुमानगंज, रघुनाथपुर उत्तर पंचायतों में बने पंचायत भवन कार्य अवधि के दौरान पूर्णरूपेण बंद पाया गया। पता करने पर पता चला कि किसी विशेष आयोजन के दौरान हीं यहां के पंचायत कार्यालय का ताला खुलता है,नहीं तो सदैव बंद हीं रहता है। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां काम का कोई सिस्टम नहीं है। बताया गया कि पंचायत सचिव, कार्यपालक सहायक,राजस्व कर्मचारी, तकनीकी सहायक,लेखापाल,विकास मित्र,कचहरी सचिव,किसान सलाहकार,पंचायत रोजगार सेवक,आवास सहायक स्वच्छता पर्यवेक्षक सहित अन्य कर्मियों से मुलाकात करने के लिए ग्रामीणों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
जरूरतमंद लोग उपरोक्त कर्मियों की नियमित अनुपस्थिति के कारण दिन भर इंतजार करने के बाद शाम को बैरंग घर लौट जाते हैं। सोमवार को कुसमोल पंचायत कार्यालय में आई महिला रिंकू देवी,डोली देवी,सिमरबनी पंचायत कार्यालय आये आशीष कुमार,सुरेश यादव,शंकरपुर पंचायत कार्यालय आये सुधीर कुमार,उर्मिला देवी,जयनगर पंचायत कार्यालय आये पूनम कुमारी,पप्पू सरदार,सिरसियाकला पंचायत कार्यालय आये सुनील कुमार,रंजीत राय,सिरसिया हनुमानगंज पंचायत कार्यालय आये मोहन कुमार,प्रेम कुमार,रघुनाथपुर उत्तर पंचायत कार्यालय आये युवराज करण,रमेश कुमार,राकेश कुमार ने बताया कि वह यहां पर किसी जरूरी कामों को लेकर आया है पर किसी से भेंट नहीं होने के कारण बिना कार्य कराए हीं वापस लौटना पड़ रहा है। वहीं इस संबंध में डीएम अनिल कुमार ने बताया कि वे बहुत जल्द स्वयं सभी कार्यालयों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान अगर किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आई तो उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
