पटनासिटी(न्यूज क्राइम 24): श्री गुरु गोबिंद सिंह महाविद्यालय के नवनिर्मित गुरु अर्जन देव सभागार में श्री गुरु गोविंद सिंह तथा उनका शौर्य पराक्रम पर संगोष्ठी संपन्न हुई। इस संगोष्ठी में बिहार के जाने-माने विद्वान ने अपना अपना विचार दिया। बैठक की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो०(डॉ०) कनक भूषण मिश्र ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अखंड द्वीप जलाकर अतिथियों के द्वारा किया गया तथा गुरु गोविंद सिंह जी का मुख्य भजन देहि शिवा वर मोहे यही का गीत गुंजन हुआ। इस अवसर पर सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ तथा सरोपा देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के हिंदी विभाग के अवकाश प्राप्त अध्यक्ष प्रो०(डॉ०) भगवान लाल सहनी ने अपना सरगर्भित भाषण किया। पटना विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त अध्यापक प्रो० जगदेव मिश्रा ने बहुत ही गंभीरता पूर्वक अपनी बात रखें तथा गुरु गोविंद सिंह जी के शौर्य एवं पराक्रम को विस्तार से रखा। शैलेश कुमार ने अपनी बात रखा तथा गुरु गोविंद सिंह के जीवनी को रेखांकित किया। आज के संगोष्ठी के मुख्य वक्ता विनोद कुमार सिंह ने विस्तार से अपनी बात रखी तथा गुरु गोविंद सिंह के त्याग एवं बलिदान परंपरा का याद किया।
उन्होंने अपने भाषण में श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज तथा उनके पुत्रों के बारे में बताया तथा उनसे जुड़े हुए स्थान की चर्चा की। डॉ अंबुज किशोर झा ने भी अपना विचार रखा तथा गुरु जी के जीवनी को याद किया। अपने अध्यक्षीय भाषण में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य ने अपने भाषण में कहा कि पटना साहिब की धरती त्याग एवं तपस्या की धरती है। श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज जैसे महापुरुष यहां पर जन्म लिये उन्होंने कार्यक्रम में भाग लेने सभी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय छात्रों के पठन-पाठन के लिए तैयार है। हमारे यहां विद्वान शिक्षकगण है जो हमेशा छात्रों के हितों के लिए तैयार रहते हैं।
विषय प्रवेश तथा स्वागत भाषण डॉ विजय नारायण सिंह विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग ने किया तथा मंच संचालन डॉ उमेश कुमार, प्राध्यापक राजनीति विज्ञान विभाग ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक डॉ सुबोध कुमार सिंह, डॉ फजल अहमद, डॉ ज्योति शंकर सिंह, डॉ एस टी असलम,डॉ संजय कुमार श्रीवास्तव, डॉ करुणा राय, डॉ अरुण कुमार, डॉ ज्योति शंकर सिंह, डॉ अरविंद कुमार सिंह, डॉ अमरेन्द्रनाथ त्रिपाठी, डॉ अंजनी कुमार, डॉ रेशम सिन्हा, डॉ पुष्पा सिन्हा, डॉ के के धर तथा अधिक संख्या में छात्र-छात्राएं, बड़ी संख्या में गुरुद्वारा से सीख समुदाय के लोगो ने भाग लिया।
