गया(अरुणजय प्रजापति): गया के बोधगया में तीन दिवसीय बौद्ध महोत्सव की शुरुआत हो गई है. यह 29 जनवरी तक चलेगा. बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने बौद्ध महोत्सव का उद्घाटन किया.
इस महोत्सव में देश विदेश के कलाकार अपना जलवा बिखरेंगे. म्यानमार, श्रीलंका, कंबोडिया, तिब्बत देश के कलाकार भी अपना कला का प्रदर्शन करेंगे. शुक्रवार को उद्घाटन के बाद देश के मशहूर गायक कैलाश खेर ने अपने गानों से गयावासियों को खूब थिरकाया.
जैसे ही कैलाश खेर मंच पर पहुंचे तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया गया. इस दौरान उन्होंने सबसे पहले गया की धरती का गुणगान किया. उन्होंने कहा, ‘गया दुनिया का सबसे पावन स्थल है.
बोधगया की धरती हमारे परमात्मा भगवान बुद्ध की जागृत धरती है. जबसे हमारा करियर शुरू हुआ तबसे बहुत सुना था, आज मेरे दाता ने त्रिशूल गाड़ दिया और कहा आइए आप बोधगया में गाइए.
तकरीबन डेढ़ घंटे तक कैलाश खेर ने गाने गाए
कैलाश खेर ने जैसे ही बाहुबली फिल्म का गाना…. क्या कभी अंबर से सूर्य बिछड़ता है शुरू किया दर्शकों के तालियों की गड़गड़ाहट से आसमान गुंजायमान हो गया.
लोगों ने गाने का खूब आनंद उठाया. तकरीबन डेढ़ घंटे तक लगातार कैलाश खेर ने गाने गाए और पूरे गया वासियों को झूमने पर मजबूर कर दिया. बोधगया के कालचक्र मैदान खचाखच भर गया और तकरीबन 15 हजार लोग बौद्ध महोत्सव में कार्यक्रम का आनंद उठाया.
बिहार गौरव गान की प्रस्तुति की गई कैलाश खेर के गाने के पूर्व बिहार गौरव गान की प्रस्तुति की गई और गया तथा दूसरे जिलों के कलाकारों के द्वारा बिहार की परम्परा, संस्कृति पर कला का प्रदर्शन किया गया.
अंतिम में कम्बोडिया और वियतनाम ग्रुप की प्रस्तुति के बाद पहले दिन की समाप्ति हो गई. कार्यक्रम के दूसरे दिन पार्श्व गायक आनंद राज आनंद का कार्यक्रम है. इसके अलावे स्थानीय कलाकारों के कला का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
