इमामगंज(अरुणजय प्रजापति): थाना क्षेत्र के विशुनबीघा गांव स्थित बालू घाट पर रविवार को ग्रामीणों बालू खनन के विरोध में उग्र होकर बालू घाट पहुंचे कर जमकर हंगामा किया। वहीं हंगामा के दौरान ग्रामीणों ने एक पोकलेन मशीन और दो ट्रक में पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया।
वहीं बालू घाट के पास बने एक झोपड़ी में माचिस मारकर आग के हवाले कर दिया है। ग्रामीणों ने यह घटना को अंजाम उस समय दिया जब पकरी गांव स्थित लवजी नदी में सैकड़ों ग्रामीण बालू के खनन के विरोध में धरना में बैठकर हंगामा कर रहे थे।
उसी में से सैकड़ों ग्रामीणों प्रदर्शन करते करते विशुनबीघा गांव स्थित बालू घाट पहुंच गए जहां सबसे पहले ग्रामीणों ने पोकलेन मशीन पर पत्थर से हमला कर क्षतिग्रस्त करने के बाद दो ट्रक को क्षतिग्रस्त किया।
इसके बाद वहां पर बालू संचालक एवं वाहन चलकर चालकों के साथ मारपीट की। ग्रामीणों ने आक्रोशित इतना था कि कुबेर अपने उग्र तेवर के आगे किसी को कोई बात नहीं सुन रहे थे। उनके सामने जो कोई भी आ रहा था उसे ग्रामीण जमकर पिटाई कर रहे थे।
वहीं बालू घाट पर ग्रामीणों की हगामा देख वहां से बालू संचालक एवं वाहन चालको अपनी जान बचाकर भागे। वहीं घटना की सूचना प्राप्त होते ही इमामगंज थाने की थाना अध्यक्ष उदय शंकर अपने दल बल के साथ पहुंचकर घटना का जायजा लिया।
वहीं इस घटना को लेकर बालू घाट के संचालक ने आरोप लगाया है कि उग्र ग्रामीणों के द्वारा वाहनों को छतिग्रस्त करने के बाद वाहन चालकों के साथ मारपीट की घटना की गई। इसके बाद उनकी वाहन में रखेगए लगभग दो लाख रुपए लेकर भाग गए हैं।
इसको लेकर उन्होंने प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग किया है। वही इस घटना के संबंध में उदय शंकर ने बताया कि यह घटना को अंजाम बालू की खनन को लेकर ग्रामीणों के द्वारा दिया गया। कुछ सफेदपोश के लोगों के द्वारा उसका आने के बाद घटना का अंजाम देने की बात सामने आ रही है।
फिलहाल वीडियो फुटेज के आधार पर आगे कार्रवाई की जा रही है। वहीं उधर बालू घाट और बालू की खनन को लेकर पकरी गांव स्थित लवजी नदी में धरना पर बैठे ग्रामीणों का कहना था कि आज से हम लोग बालू के घाट के विरोध में अनावरण अनशन पर बैठे हुए हैं।
सरकार से मांग करते हैं कि यहां पर जो बालू घाट बनाई गई है, यह अनुचित नहीं है। क्योंकि इस बालू घाट के रहने से नदियों में कई जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढा के कारण डंप हो जाएंगे। इसमें हमारे बच्चे को डूब ने से अप्रिय घटना हो सकती है।
इसके साथ ही नदियों से बालू उठने के कारण वाटर लेवल नीचे चला जाएगा। और पर्यावरण मे दिक्कत होगी। क्योंकि इस नदियों से ही हम लोगों को सिंचाई का साधन है। अगर बालू नदियों से इसी तरह उठती रहेगी तो नदी में पानी का ठहराव नहीं हो पाएगा। अगर नदी पानी का ठहराव नहीं होगी और वाटर लेवल नीचे चले जाएगी तो हम लोग को खेतों में सिंचाई नहीं हो पाएगी।
अगर सिंचाई नहीं होगी तो हम लोग को जमीन बंजर रह जाएगा। लोगों ने सरकार से मांग किया है कि इमामगंज विधानसभा क्षेत्र में तमाम जो बालू घाट के टेंडर कर बालू को व्रत करते हुए वापस ले। अगर सरकार हम लोग की बातों को नहीं सुनेगी तो इस तरह से अनिश्चितकालीन या धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में महिलाएं एवं पुरुष बच्चे शामिल थे।
