बिहार

छोटे से एक कार्ड में दर्ज होगी लोगों के स्वास्थ्य से संबंधित तमाम जानकारी

अररिया(रंजीत ठाकुर): आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत स्वास्थ्य संबंधी तमाम सेवाओं के डिजिटेलाइजेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत अब लोगों को डिजिटल हेल्थ आईडी की सेवा उपलब्ध होगी। इसके माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य रिकार्ड को डिजिटली संरक्षित होगा। आभा यानि आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट लोगों के हेल्थ हिस्ट्री को एक जगह सहेजने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसे डिजिटल हेल्थ कार्ड नाम दिया गया है। जिले में डिजिटल हेल्थ कार्ड निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। इसे लेकर शनिवार को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन डीपीएम स्वास्थ्य रेहान अशरफ की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। इसमें प्रशिक्षक के रूप में भाग लेते हुए पिरामल स्वास्थ्य के डीपीएल संजय कुमार झा व पीएल राजीव कुमार ने भाग लेते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों को डिजिटल हेल्थ कार्ड निर्माण के महत्वपूर्ण पहलूओं से अवगत कराते हुए इससे होने वाले लाभ की जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीपीएनई सभ्यसांची पंडित, डीएएम सनोज कुमार, डीसीएम रमण कुमार सहित सभी प्रखंड अनुश्रवण व मूल्याकांन पदाधिकारी मौजद थे।

हेल्थ कार्ड में संधारित होगी मरीज के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी :

स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षण देते हुए पिरामल के डीपीएल संजय कुमार झा ने बताया कि आयुष्मान भारत हेल्थ अकांउट में आप अपने सभी मेडिकल रिकॉर्डस, डॉक्टर के प्रिस्केपशन, लैब रिपोर्ट, हॉस्पिटल रिपोर्ट सहित अन्य स्वास्थ्य रिकार्ड को सहेज कर रख सकते हैं। ये सारे डॉक्यूमेंटस 14 अंकों के हेल्थ आईडी के जरिये कभीं भी एक्सेस किया जा सकेगा। पिरामल स्वास्थ्य के पीएल राजीव कुमार ने बताया कि किसी चिकित्सक को अपने पूरी मेडिकल हिस्ट्री बताने के लिये रोगी को सिर्फ अपना आईडी नंबर बताना होगा। एक तरह से ये डिजिटल हेल्थ रिकार्ड है। जिसमें आपकी पर्सनल हेल्थ हिस्ट्री होगी आधार, मोबाइल नंबर व ड्राइविंग लाइसेंस के जरिये हेल्थ आईडी बेहद आसान तरीके से क्रिएट किया जा सकता है।

मेन्यूल डेटा पर कम होगी हमारी निर्भरता :

आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट यानि आभा कार्ड के संबंध में जानकारी देते हुए डीपीएम स्वास्थ्य रेहान अशरफ ने कहा कि हर व्यक्ति का आभा कार्ड बनाया जाना है। आधार कार्ड व इससे लिंब मोबाइल नंबर के जरिये कार्ड जेनरेट किया जा सकता है। इसकी मदद से दूर-दराज के बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में बैठे चिकित्सक इस आइडी नंबर के सहारे मरीज के स्वास्थ्य संबंधी तमाम जानकारी महज एक क्लिक से प्राप्त कर सकेंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटाइजेशन के लिहाज से ये बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला व नवजात से संबंधित आरसीएच पोर्टल पर दर्ज जानकारी आसानी से उनके हेल्थ कार्ड में संधारित हो जायेगा। इसके लिये ये निर्णय लिया गया है कि सबसे पहले सभी पंचायतों को आरसीएच पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। इसके बाद प्रखंड व निर्धारित समयांतराल पर इसे पूरे जिले में क्रियान्वित किया जायेगा। इसकी मदद से मेन्यूल डेटा पर हमारी निर्भरता कम होगी व लोगों को सही समय पर उचित सेवा उपलब्ध कराया जा सकेगा।

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