पटनासिटी(रॉबिन राज, न्यूज़ क्राइम 24): बिहार में एक बेहद अच्छी पहल होने जा रही है। जिससे कि देश मे विकास और व्यापार में काफी तेजी से वृद्धि होगी। बिहार के सारण-छपरा जिले में इंटरनेशनल बंदरगाह बनने जा रहा है। कल यानी शनिवार को इस अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह का शिलान्यास होगा। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल गायघाट स्थित भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण से शिलान्यास कार्यक्रम करेंगे। यह इंटरनेशनल बंदरगाह सारण जिले के कालू घाट में बनकर तैयार होगा।

आइडब्लूएआइ के सहायक निदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि गायघाट स्थित बंदरगाह से असम के गुवाहाटी स्थित बंदरगाह के लिए फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया का 200 टन चावल की खेप कारगो गंगा के रास्ते रवाना की जाएगी। यह पोत चावल लेकर पटना से गंगा के रास्ते भागलपुर, साहेबगंज, फरक्का, कोलकाता होते हुए यह बांग्लादेश के जलमार्ग से होते हुए गुवाहाटी तक पहुंचेगा। शनिवार को केंद्रीय मंत्री हरी झंडी दिखाकर पोत को रवाना करेंगे। शिलान्यास कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, जहाज मंत्रालय बंगलादेश के मंत्री खालिद महमूद चौधरी, बिहार के उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री रेणु देवी, आइडब्लूएआइ के अध्यक्ष संजय बंधोपाध्याय, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, सारण के सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी, सांसद रवि शंकर प्रसाद समेत कई मंत्री उपस्थित रहेंगे।
इस मार्ग पर नियमित माल ढुलाई से रोजगार के रास्ते खुलेंगे और वैश्विक बाजार में स्थानीय उत्पादों तक पहुंच उपलब्ध होगी। बेहतर कनेक्टिविटी लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव लाएगी, जिससे क्षेत्र के युवाओं और व्यवसायों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
पोत को पूरी यात्रा को कवर करने में लगभग 25 दिन लगेंगे और मार्च 2022 के पहले सप्ताह में पांडु (गुवाहाटी) पहुंचने की उम्मीद है। बता दें जलमार्ग से पटना से गुवाहाटी की दूरी करीब 1400 किलोमीटर है। ट्रायल सफल होते ही बंदरगाह के निर्माण कार्य को शुरू किया जाएगा। इस मार्ग पर नियमित माल ढुलाई से रोजगार के रास्ते खुलेंगे और वैश्विक बाजार में स्थानीय उत्पादों तक पहुंच उपलब्ध होगी। बेहतर कनेक्टिविटी लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव लाएगी, जिससे क्षेत्र के युवाओं और व्यवसायों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
