उत्तरप्रदेश

समुदाय में कोविड-19 टीकाकरण की अलख जगाएँगी आशा

बलिया(संजय कुमार तिवारी): कोविड-19 को पूरी तरह से मात देने के लिए टीकाकरण बहुत जरूरी है । इसी को ध्यान में रखते हुए सबसे अधिक जोखिम वालों तक वैक्सीन पहुँचाने की हरसंभव कोशिश हो रही है । स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन वर्कर्स के बाद अब सबसे अधिक जोखिम समूह में आने वाले 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों और गंभीर बीमारी से ग्रसित 45 से 59 साल के लोगों (सहरुग्णता युक्त व्यक्तियों) का टीकाकरण इस माह से चल रहा है । टीकाकरण की गति को बढ़ाने और समुदाय के लोगों को प्रेरित करने में अब आशा कार्यकर्ताओं और अन्य फ्रंट लाइन वर्कर्स की भी मदद ली जाएगी । यह जानकारी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/कोरोना के नोडल अधिकारी/जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ० हरिनन्दन प्रसाद ने दी.

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश की मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने सूबे के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र जारी कर इस बारे में जरूरी निर्देश दिए हैं । कोविड-19 टीकाकरण में आशा कार्यकर्ताओं और अन्य फ्रंट लाइन वर्कर्स का सहयोग लिए जाने का निर्देश दिया है । उनका कहना है कि जिले मे एक मार्च से शुरू हुए 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों और 45 से 59 साल के बीमारी से ग्रसित लोगों के टीकाकरण के तहत 14 मार्च तक कोविड पोर्टल पर रजिस्टर्ड 7969 के सापेक्ष 7833 लोगो को (प्रथम डोज) दिया गया है।इसमें गति लाने के लिए जरूरी है कि समुदाय स्तर पर लोगों में जागरूकता लाई जाए और अधिक से अधिक लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया जाए । इसके तहत आशा कार्यकर्ता व अन्य फ्रंट लाइन वर्कर्स समुदाय के लोगों को टीकाकरण के लाभ और कोविड-19 से बचाव के तरीकों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी पहुंचाएं.

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फ्रंट लाइन वर्कर टीकाकरण के निकटतम सत्र स्थल के चिन्हित स्थान, तिथि और समय की जानकारी समुदाय के लोगों तक पहुँचाने के साथ ही सत्र स्थल पर जाने के लिए प्रेरित करें । इसके अलावा टीकाकरण के लिए नियमानुसार अपडेटेड ड्यू लिस्ट तैयार की जाए । लाभार्थियों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में मदद की जाए और छूटे हुए लाभार्थियों की सूची प्रभारी चिकित्सा अधिकारी तक पहुंचाई जाए । यदि किसी परिवार में टीकाकरण को लेकर कोई भय या भ्रान्ति है जिसके कारण वह टीका लगवाने को राजी न हो रहे हों तो उनकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी जाए ताकि वह उनकी भ्रांतियों को दूर कर टीकाकरण के लिए राजी कर सकें.

ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही शहरी क्षेत्रों में भी आशा कार्यकर्ताओं और अन्य फ्रंट लाइन वर्कर्स एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा भी कोविड टीकाकरण में सहयोग प्राप्त किये जाने को कहा गया है । इस कार्य में जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबन्धक (डीसीपीएम), अर्बन को-आर्डिनेटर और ब्लाक सामुदायिक प्रक्रिया प्रबन्धक (बीसीपीएम) द्वारा हर जरूरी सहयोग प्रदान किया जाए ताकि समुदाय स्तर पर टीकाकरण की एक अलख जगाई जा सके।

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