पटना, अजित। नए साल 2026 की दस्तक के साथ ही बिहार में ठंड ने अपना तीखा तेवर दिखाना शुरू कर दिया है. साल के अंतिम दिन राजधानी पटना सहित कई इलाकों में कुछ घंटों की हल्की धूप ने जरूर राहत दी, लेकिन बर्फीली पछुआ हवा और जेट स्ट्रीम के प्रभाव से दोपहर बाद तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई. मौसम विभाग के मुताबिक नए साल की शुरुआत भीषण ठंड, शीत दिवस और घने कोहरे के बीच होगी और अगले दो सप्ताह तक मौसम के मिजाज में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। कड़ाके की ठंड से राज्य के अधिकांश जिले प्रभावित हो चुके हैं. लगभग सभी जिलों में बेतहाशा ठंड की मार लोगों को झेलनी पड़ रही है. पिछले 10 दिनों से अधिकांश इलाकों में धूप के दर्शन नहीं हुए हैं. दोपहर के समय कहीं-कहीं बहुत हल्की धूप जरूर निकलती है, लेकिन ठंडी हवा के आगे वह भी बेअसर साबित हो रही है।
ठंड का आलम यह है कि नए साल की रात लोग घरों में दुबके रहेंगे और लोग थरथराते हाथों से एक-दूसरे को कांपती आवाज में “हैप्पी न्यू ईयर” की शुभकामनाएं देंगे. चौक-चौराहों, पार्कों और खुले स्थानों पर जश्न की रौनक पर भी कड़ाके की ठंड का असर साफ दिखने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 4 जनवरी तक पटना समेत राज्य के कई जिलों में भीषण ठंड बने रहने की पूरी संभावना है. अगले चार-पांच दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं. बिहार के अधिकांश जिलों में धूप निकलने की भी संभावना कम जताई गई है. ऐसे में नया साल का आगमन और जश्न, दोनों ही कड़ाके की ठंड के साए में होंगे।
भीषण ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में है। पटना जिलाधिकारी ने 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक प्ले स्कूल, आंगनबाड़ी से लेकर कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया है. वहीं कक्षा 8 से ऊपर के सभी शैक्षणिक संस्थानों को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक ही संचालित करने का आदेश जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की दैनिक मौसम विज्ञप्ति के अनुसार 31 दिसंबर 2025 को राज्य का मौसम शुष्क बना रहा. भागलपुर, छपरा, सबौर, मधुबनी, समस्तीपुर और मुंगेर में भीषण शीत दिवस दर्ज किया गया, जबकि पटना, गया, अरवल और जहानाबाद में शीत दिवस की स्थिति रही।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य का अधिकतम तापमान 12.7 से 19.0 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. सर्वाधिक अधिकतम तापमान 19.0 डिग्री सेल्सियस शेखपुरा और राजगीर में दर्ज किया गया. न्यूनतम तापमान की बात करें तो गया में 5.0 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे कम तापमान रिकॉर्ड किया गया. राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया। कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. गया में न्यूनतम दृश्यता मात्र 50 मीटर दर्ज की गई. मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 4 से 5 दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से घना कोहरा छाया रह सकता है।
मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए चेताया है कि पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, मधेपुरा, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, पूर्णिया और किशनगंज के कुछ इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा छाने की प्रबल संभावना है. इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। पूर्वानुमान के अनुसार अगले 7 दिनों तक राज्य का मौसम शुष्क रहेगा. 31 दिसंबर से 1 जनवरी तक कई जिलों में शीत दिवस जैसी स्थिति बनी रह सकती है. 2 से 6 जनवरी के बीच अलग-अलग इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है।
तापमान प्रवृत्ति को लेकर मौसम विभाग ने बताया है कि अगले तीन दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इसके बाद फिर क्रमिक गिरावट दर्ज की जाएगी। भीषण ठंड और कोहरे का असर नए साल की सुबह की दिनचर्या पर भी साफ दिखेगा. सुबह की सैर, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी और लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि यात्रा के दौरान सावधानी बरतें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम का प्रभाव लगातार बना हुआ है, जिससे ठंड का प्रकोप अभी जारी रहेगा. ऐसे में बिहार में नए साल का स्वागत कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच ही होने जा रहा है।
