बिहार

करोड़ों की नल-जल योजना बनी शोपीस, हजारों लीटर शुद्ध पानी बह रहा बर्बाद

अररिया, रंजीत ठाकुर। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना नवाबगंज पंचायत में दम तोड़ती नजर आ रही है। करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित योजना का शुद्ध पेयजल लोगों तक पहुंचने के बजाय कई दिनों से जमीन पर बहकर बर्बाद हो रहा है। ताजा मामला मध्य विद्यालय नवाबगंज परिसर का है, जहां मुख्य पाइपलाइन फट जाने के कारण बड़ी मात्रा में पानी लगातार रिस रहा है, लेकिन विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।

स्थानीय लोगों की सूचना पर रविवार को विद्यालय परिसर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया। मौके पर देखा गया कि मुख्य लाइन का पाइप क्षतिग्रस्त है और उससे लगातार पानी निकलकर आसपास की जमीन में फैल रहा है। एक ओर विभाग कागजों पर नल-जल योजना को सुचारू रूप से संचालित होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर धरातल पर योजना की वास्तविक स्थिति बदहाल दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि नवाबगंज पंचायत के अधिकांश वार्डों में नल-जल योजना की हालत लगभग इसी प्रकार की है। कहीं पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है तो कहीं नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। ऐसे में सरकार की करोड़ों रुपये की योजना का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

Advertisements
Ad 1

मामले को लेकर पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता रितेश कुमार से संपर्क किया गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्हें अब तक कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि जानकारी मिलने के बाद संबंधित स्थल की जांच कर जल्द से जल्द मरम्मत कार्य कराया जाएगा ताकि जल की बर्बादी रोकी जा सके। इधर फुलकाहा उत्थान संघर्ष समिति के सदस्यों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। समिति के सदस्य राजू गुप्ता, राजेश रंजन, संतोष साह, रंजीत ठाकुर, महेश गुप्ता, मोहम्मद कासिम, दीपक गुप्ता, पवन गुप्ता एवं मोहम्मद हसीब अंसारी सहित अन्य लोगों ने कहा कि नवाबगंज पंचायत में नल-जल योजना पूरी तरह विफल साबित हो रही है। यदि समय रहते सभी वार्डों में योजना को दुरुस्त कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो ग्रामीण बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक धनराशि से तैयार की गई योजना की बदहाली और शुद्ध पानी की बर्बादी के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। प्रश्न यह है कि जब सरकार हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा कर रही है, तब नवाबगंज पंचायत में करोड़ों की योजना आखिर किसके भरोसे चल रही है? यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो यह योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की एक और मिसाल बनकर रह जाएगी।

Related posts

शेखपुरा सदर अस्पताल में रक्तदान शिविर, डीएम-एसपी ने खुद किया रक्तदान, लोगों से की अपील

मोकामा में चल रहे AISF पटना जिला स्तरीय द्वि-दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का हर्षोल्लास के साथ समापन

विशेष साप्ताहिक वाहन चेकिंग अभियान में 55 वाहनों का चालान, ₹1.89 लाख जुर्माना वसूला गया

error: