बिहार

राज्यस्तरीय टीम ने जिले के दो एसडीएच और दो सीएचसी का किया निरीक्षण

पूर्णिया, न्यूज क्राइम 24। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पहले से ज्यादा गुणात्मक सुधार हुआ है। हालांकि इसके बावजूद अभी भी कई स्तर से सुधार करने की आवश्यकता है। इसके लिए विभागीय स्तर सहित स्थानीय एमओआईसी के नेतृत्व में लगातार कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित रूप से सुधार करने को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से वित्त एवं लॉजिस्टिक्स सलाहकार नमित कुमार और पिरामल स्वास्थ्य के डॉ प्रमोद साह के द्वारा संयुक्त रूप से जिले के चार स्वास्थ्य संस्थानों का छः दिनों तक गहनतापूर्वक अवलोकन करने के साथ ही आवश्यक दिशा- निर्देश दिया गया है।

इस अवसर पर ज़िला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी आलोक कुमार, यूनिसेफ के शिवशेखर आनंद, पिरामल स्वास्थ्य की संध्या कुमारी और फिया के रूपेश कुमार के अलावा संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, अस्पताल प्रबंधक, बीएचएम सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।

सार्वजनिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के लिए कायाकल्प योजना की हुई थी शुरुआत: सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने कहा कि
जिले के सभी नागरिकों व विभिन्न प्रकार की बीमारियों का उपचार कराने वाले मरीज़ों को कोई परेशानी नहीं हो इसका विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है। जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में रखरखाव को लेकर विभागीय स्तर पर पदाधिकारियों सहित चिकित्सकों और कर्मियों को अनिवार्य रूप से दिशा-निर्देश दिया गया है। बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के लिए साफ़-सफ़ाई एवं सरकारी अस्पतालों में संक्रमण रोकने के लिए किए गए प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए कायाकल्प योजना की शुरुआत की गई थी। इसको लेकर जिले के दो अनुमंडलीय अस्पताल और दो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का राज्यस्तरीय टीम के द्वारा कायाकल्प योजना के तहत भ्रमण किया गया है।

स्वास्थ्य संस्थानों में उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना विभाग की पहली प्राथमिकताओं में शामिल: डीपीएम

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जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभागीय स्तर पर स्वच्छता, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, हॉस्पिटल इंफेक्शन, मरीजों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों के उत्तम व्यवहार को फोकस किया जाता है। क्योंकि स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छ व शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, परिसर की साफ-सफाई का इंतजाम, शौचालयों में स्वच्छता की सुविधा सहित अस्पताल में शांत व स्वच्छ वातावरण के निर्माण के आधार पर कायाकल्प कार्यक्रम के तहत संस्थानों का आकलन किया जाता है।

 सरकार की मंशा भी यही है कि राज्य की जनता को स्वास्थ्य संस्थानों में किसी तरह से कोई परेशानी नहीं हो। इसके लिए स्वच्छता, शुद्ध पेयजलापूर्ति, स्वास्थ्य संस्थानों के कर्मियों का व्यवहार सुगम होना चाहिए। क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों या अन्य कर्मियों के द्वारा मरीजों के साथ सहजता या विनम्रतापूर्वक व्यवहार करने से अधिकांश बीमारियां ऐसे ही ठीक हो जाती हैं।

कायाकल्प योजना के तहत दो एसडीएच और दो सीएचसी का किया गया निरीक्षण: डीसीक्यूए

जिला स्वास्थ्य समिति के जिला सलाहकार गुणवत्ता यकीन पदाधिकारी डॉ अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत जिले के दो अनुमंडलीय अस्पताल धमदाहा और बनमनखी जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसबा और बैसा का राज्य स्तरीय टीम के द्वारा भ्रमण किया गया। जहां सभी प्रकार की उपलब्ध व्यवस्था को बारीकी के साथ अवलोकन किया गया।

इसके पहले जिलास्तरीय कोचिंग टीम के द्वारा मुख्य बिंदुओं को आकर्षित करते हुए तैयारियां पूरी करा दी गई थी। जिसको लेकर इन सभी चारों स्वास्थ्य संस्थानों की ओर से आवश्यक रूप से तैयारी पूरी कर राज्यस्तरीय टीम का इंतजार किया जा रहा था। वहीं अनुमंडलीय अस्पताल धमदाहा के चिकित्सा पदाधिकारी और अस्पताल प्रबंधक जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैसा के चिकित्सा पदाधिकारी और बीएचएम को टीम के द्वारा दी गई जिम्मेदारियों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा- निर्देश दिया गया है।

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