बिहार

निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता की समीक्षा, स्वतंत्र बाह्य निगरानीकर्ताओं का एम्स पटना दौरा

फुलवारीशुरीफ, अजित। सार्वजनिक खरीद से जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वतंत्र बाह्य निगरानीकर्ताओं ने शनिवार को एम्स पटना का दौरा किया. यह दौरा संस्थान में लागू ईमानदारी समझौता व्यवस्था के अंतर्गत आयोजित चौथी समीक्षा बैठक के क्रम में हुआ। बैठक की शुरुआत एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल के स्वागत एवं परिचयात्मक संबोधन से हुई. उन्होंने कहा कि एम्स पटना प्रशासन पारदर्शी व्यवस्था, निष्पक्ष निविदा प्रक्रिया तथा वित्तीय अनियमितताओं के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर दृढ़ता से कार्य कर रहा है।

बैठक के दौरान एम्स पटना द्वारा की गई प्रमुख खरीद प्रक्रियाओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति स्वतंत्र बाह्य निगरानीकर्ताओं के समक्ष रखी गई. इसमें निविदा प्रक्रिया में अपनाए गए नियमों, निर्धारित मानकों के अनुपालन तथा संस्थान और निविदाकर्ताओं एवं ठेकेदारों के बीच ईमानदारी समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई.

इस अवसर पर अरुण चंद्र वर्मा, भारतीय पुलिस सेवा (सेवानिवृत्त) एवं शेषगिरी राव अन्नांगी (सेवानिवृत्त), पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, दूरसंचार परामर्श संस्था, स्वतंत्र बाह्य निगरानीकर्ता के रूप में उपस्थित रहे. दोनों निगरानीकर्ताओं ने खरीद से संबंधित प्रक्रियाओं की समीक्षा करते हुए निविदा व्यवस्था में पारदर्शिता और जनविश्वास को और मजबूत करने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए.

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बैठक में एम्स पटना के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इनमें नीलोत्पल बल, उप निदेशक (प्रशासन); डॉ. अमित राज, चिकित्सा अधीक्षक (प्रभारी); प्रो. डॉ. संजय कुमार पांडेय, अधिष्ठाता (शैक्षणिक) प्रभारी; विशाल कुमार, वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी; राज कुमार जालान, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी; तथा असीम कुमार, जनसंपर्क अधिकारी शामिल थे.

इसके अतिरिक्त प्रो. डॉ. पदमजीत पांचाल, संकाय प्रभारी (भंडार) के साथ भंडार अधिकारी रवि कुमार एवं नीरज द्विवेदी भी बैठक में उपस्थित रहे. एम्स पटना प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ईमानदारी समझौता निविदा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने, अनियमितताओं को रोकने तथा सभी संबंधित पक्षों के बीच नैतिक आचरण को बढ़ावा देने का एक प्रभावी माध्यम है। उल्लेखनीय है कि इस व्यवस्था को अपनाने वाला पहला एम्स भोपाल रहा है, जबकि एम्स पटना देश का दूसरा एम्स है, जिसने स्वतंत्र बाह्य निगरानीकर्ताओं की प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू कर सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की है. यह एम्स पटना की स्वच्छ, पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एम्स पटना भविष्य में भी अपने सभी प्रशासनिक एवं खरीद संबंधी कार्यों में पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देता रहेगा।

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