बिहार

जिले के सभी पीएचसी में क्वालिटी एश्योरेंस कमेटी का होगा गठन

अररिया, रंजीत ठाकुर   जिले में हाल के वर्षों में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कई सुधार हुए हैं। लेकिन कुछ वास्तविकताएं भी सामने आयी हैं। लोगों के बदलते स्वास्थ्य जरूरतें, बढ़ती सार्वजनिक अपेक्षाएं, स्वास्थ्य संबंधी नए महत्वकांक्षी लक्ष्य, बेहतर परिणाम व सामाजिक मूल्यों के निवर्हन को लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव काफी बढ़ा है। लिहाजा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता व इसे बेहतर बनाने को लेकर विभागीय स्तर से जरूरी पहल किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला गुणवत्ता यकीन कमेटी की तर्ज पर प्रखंड स्तरीय गुणवत्ता यकीन कमेटी के गठन व इसके सफल क्रियान्वयन को लेकर जरूरी पहल शुरू की गयी है।

इसके माध्यम से लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराते हुए इसकी बेहतरी को सतत प्रयास किया जाना है। उपलब्ध सेवाओं में होगा गुणात्मक सुधार डीसीक्यूए डॉ मधुबाला ने बताया कि जिला स्तरीय गुणवत्ता व यकीन कमेटी की तर्ज पर प्रखंड स्तरीय गुणवत्ता यकीन कमेटी के गठन को लेकर पहल की जा रही है। इसे लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के स्तर से जरूरी आदेश पूर्व से प्राप्त है। इसमें संबंधित एमओआईसी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित किया जाना है। कमेटी में ओपीडी, लेबर रूम, ओटी के प्रभारी पदाधिकारी, नर्सिंग इंचार्ज आउटसोर्स के माध्यम से सेवा प्रदाता कंपनी के प्रतिनिधि सहित अन्य शामिल होंगे। प्रखंड स्तरीय गुणवत्ता यकीन कमेटी की बैठक आवश्यक रूप से महीने में एक बार आयोजित की जानी है।

इसमें अस्पताल में उपलब्ध सेवाओं गुणवत्ता में सुधार संबंधी मामलों पर चर्चा करते हुए इसे अधिक बेहतर बनाने की रणनीति परप विचार किया जाना है। कमेटी द्वारा इस दिशा में आने वाली कमियों को चिह्नित करते हुए इसमें सुधार की पहल की जानी है। जिलास्तर से उन्हें इसके लिये सभी तरह की जरूरी सहायता उपलब्ध कराया जायेगा। ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार को बढ़ावा दिया जा सके।

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गुणात्मक सेवाओं तक आसान होगी लोगों की पहुंच
डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार ने बताया कि विभिन्न पीएचसी व सीएचसी के माध्यम से आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से प्रखंड स्तरीय गुणवत्ता यकीन कमेटी का सफल क्रियान्वयन जरूरी है। इसके माध्यम से उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा कमियों को चिह्नित कर इसे दूर किया जा सकेगा। स्वास्थ्य संस्थानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जा सकेगा। इससे गुणात्मक सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी।

अधिकारियों को दिये गये जरूरी निर्देश


सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि प्रखंड स्तरीय गुणवत्ता यकीन कमेटी की उपयोगिता व महत्व को देखते हुए इसका सफल क्रियान्वयन जरूरी है। राज्य स्वास्थ्य समिति के स्तर से भी इसे लेकर जरूरी आदेश प्राप्त हैं। लिहाजा सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को एक सप्ताह के अंदर प्रखंड गुणवत्ता व यकीन कमेटी का गठन करते हुए अनिवार्य रूप से प्रत्येक महीने इसकी बैठक सुनिश्चित कराने के लिये निर्देशित किया गया है।

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