बिहार

प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन ने CBSE के आदेश पर जताई आपत्ति

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में APAR आईडी अनिवार्यता के CBSE आदेश पर प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने इसे छात्रों के हितों के विपरीत बताते हुए सीबीएसई चेयरमैन राहुल सिंह को पत्र लिखकर आदेश को तुरंत रद्द करने की मांग की है।

एसोसिएशन का कहना है कि 27 अगस्त को परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज द्वारा जारी पत्र (CBSE/LOC/X-XII/2025-26) के अनुसार विद्यार्थियों के लिए APAR आईडी को अनिवार्य बना दिया गया है, जबकि वर्तमान में केवल 20 से 30 प्रतिशत छात्रों की ही आईडी तैयार हो पाई है। शेष विद्यार्थियों की आईडी शिक्षा विभाग की प्रक्रियागत देरी के कारण अब तक नहीं बन सकी है।

पटना के समनपुरा राजा बाजार स्थित प्रधान कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने कहा कि इस आदेश से “विद्यार्थियों व अभिभावकों में अत्यधिक असंतोष और भ्रम की स्थिति पैदा हो जाएगी। लाखों बच्चों का पंजीकरण अधर में लटक सकता है और वे परीक्षा से वंचित हो जाएंगे।

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उन्होंने कहा कि विद्यालय पहले से ही समय-सीमा में औपचारिकताओं को पूरा करने के दबाव में हैं, ऐसे में APAR आईडी अनिवार्यता ‘अतिरिक्त सिरदर्द’ साबित होगी। एसोसिएशन ने मांग की कि यदि भविष्य में इसे लागू करना ही है तो इसे चरणबद्ध तरीके से पर्याप्त समय और सुविधाओं के साथ लागू किया जाए।

एसोसिएशन की मुख्य माँगें-

  1. APAR आईडी की अनिवार्यता को तत्काल वापस लिया जाए।
  2. मौजूदा शैक्षणिक सत्र में विद्यालयों व अभिभावकों को राहत दी जाए।
  3. आवश्यकता पड़ने पर इसे पायलट प्रोजेक्ट या चरणबद्ध रूप से लागू किया जाए।

एसोसिएशन का कहना है कि “शिक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों की सुविधा और कल्याण के लिए होनी चाहिए, न कि उनके लिए नई बाधाएँ खड़ी करने के लिए।

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