बिहार

घरों पर ही अदा हुई रमजान के पहले जुमे की नमाज

फुलवारीशरीफ(अजित यादव): रमजान के पहले जुमे की नमाज को लेकर मुस्लिम बंधुओं में काफी उत्सुकता होती है। लॉक डाउन के चलते इस बार मस्जिदों में सामूहिक रूप से नमाज पढ़ने पर रोक है। इस वजह से जुमे की नमाज मुस्लिम समुदाय के लोगों ने घर पर ही अदा की. पाक रमजान मुस्लिम समुदाय के लिए सबसे पवित्र महीना होता है। इस माह में प्रत्येक दिन रोजेदार पांचों वक्त की नमाज के साथ ही तरावीह की नमाज भी पढ़ता है। वहीं जुमे की नमाज का अपना अलग महत्व सामान्य दिनों में ही रहता है तो रमजान माह में इसका महत्व और बढ़ जाता है। इस शुक्रवार को रमजान माह का पहला जुमा था। रमजान माह की शुरूआत के पूर्व ही मुस्लिम धर्मगुरुओं ने सभी नमाज घरों में ही पढ़ने और कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन से जारी एडवाइजरी का पूर्ण पालन करने का अनुरूप मुस्लिम समुदाय के लोगों से किया था। मुस्लिम धर्मगुरुओं की अपील का असर भी देखने को मिल रहा है। मुस्लिम समुदाय के लोग घरों पर ही नमाज अदा कर रहे हैं। रमजान के पहले जुमे को भी लोगों ने घरों के अंदर ही जुमे की नमाज पढ़ा और इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी अनुपालन किया गया.

वहीं दूसरी तरफ रमजानुल मुबारक के पहले जुमा नमाज बाद रोजेदारों ने शाम में निर्धारित समय पर अजान की आवाज सुनते ही रोजा खोल अल्लाह का शुक्रिया अदा किए। कोरोना महामारी के चलते उलमा ने रोजेदारों से अपील की है कि घर में ही नमाज अदा करें और रोजा परिवार वालों के साथ ही खोलें। बरकत और रहमतों का महीना ‘माह-ए-रमजान’ का का हर लम्हा मजबूर लाचार गरीबो की मदद का जज्बा पैदा करने का पैगाम देने वाला होता है । वहीं रोजा इफ्तार के समान खरीदने बाजार आए लोगो मे सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए नहीं देखा जा रहा है जिससे बीमारी फैलने की चिंता बढ़ती है। हालांकि रमजान को लेकर बाजारों में रौनक तो दिखी। वहीं दुकानदार लोगों को मास्क लगाने की हिदायत भी देते रहे।

Related posts

पटनासिटी के 9tees Cafe में पहली बार आयोजित हुई दिवाली पार्टी, गेम्स और संगीत से सजी शाम

बिहार में भाजपा वोट चोरी ही नहीं कर रही है, बल्कि जनादेश की डकैती भी कर रही है : प्रो मनोज कुमार झा

सिख विरोधी नरसंहार के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए दिल्ली में पदयात्रा