पटना, अजित। भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने शुक्रवार को तात्कालिक मौसम चेतावनी जारी करते हुए बिहार के 29 जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है. विभाग के अनुसार 2 जनवरी 2026 को सुबह 6:27 बजे से 9:27 बजे तक के बीच इन जिलों के कुछ हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा और कुहासा छाए रहने की प्रबल संभावना है. ऐसा अगले दो से तीन दिनों तक रहेगा। हालांकि शुक्रवार को पटना सहित कई जिलों में धूप खुली रहे लोगों को काफी राहत भी मिली लेकिन ठंडी हवाओं ने शरीर को ठंड का एहसास कराया. सी की तरह छुट्टी ठंडी बर्फीली हवाओं ने धूप के राहत को भी असर करके रख दिया जब तक तेज धूप शरीर पर लगती तो सामने से अच्छा लगता शरीर के पिछले हिस्से में ठंडी हवाओं के चुभने का एहसास होता रहा. दोपहर बाद तेजी से मौसम में परिवर्तन देखने को मिला ठंड तेजी से पांव पसारने लगा . कोहरे की चादर सभी गांव ज्वार शहर को अपनी आगोश में लेने लगा।
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, पटना, भोजपुर, बक्सर, जहानाबाद, गया, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, भागलपुर, मुंगेर, बेगूसराय, मधेपुरा, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, पूर्णिया और कटिहार जिलों के कुछ स्थानों में दृश्यता बेहद कम हो सकती है। घने कोहरे के कारण सड़क, रेल और वायु यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क और सावधान रहने की अपील की है. विशेष रूप से वाहन चालकों को कम दृश्यता को देखते हुए धीमी गति से वाहन चलाने, फॉग लाइट का प्रयोग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है. मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने यह भी चेतावनी दी है कि दृश्यता में भारी कमी के कारण विमान परिचालन पर भी असर पड़ सकता है।
बिहार में ठंड और कोहरे का असर लगातार बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग की दैनिक मौसम विज्ञप्ति के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य का मौसम पूरी तरह शुष्क रहा. इस दौरान किशनगंज जिले में शीत दिवस दर्ज किया गया, जिससे सामान्य जनजीवन पर ठंड का प्रभाव और गहरा गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में अधिकतम तापमान 17.2 से 24.2 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. सबसे अधिक तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस 1 जनवरी को किशनगंज में दर्ज किया गया. बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान में 1 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि शेष जिलों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ.
न्यूनतम तापमान की बात करें तो राज्य में तापमान 5.1 से 13.1 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया. सबसे कम तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस 2 जनवरी को अगवानपुर (सहरसा) में दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने बताया कि अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में भी कोई उल्लेखनीय परिवर्तन नहीं हुआ है। कोहरे ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है. बीते 24 घंटों के दौरान गया जी में न्यूनतम दृश्यता शून्य मीटर तक पहुंच गई, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सात दिनों तक राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है और मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन कोहरा और ठंड की चुनौती बनी रहेगी।
घने कोहरे और शीत दिवस को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है. 2 जनवरी को पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जिलों के कुछ इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि राज्य के अन्य जिलों में भी एक-दो स्थानों पर कोहरा देखने को मिल सकता है. 3 जनवरी को भी इन जिलों के साथ-साथ राज्य के पश्चिमी हिस्सों में घना कोहरा छाए रहने की आशंका जताई गई है.
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 4 जनवरी को राज्य के पश्चिमी और उत्तर-मध्य जिलों में शीत दिवस जैसी स्थिति बन सकती है. वहीं इन इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी और दक्षिण-मध्य भागों में भी कुछ स्थानों पर कोहरा असर दिखा सकता है. अगले कुछ दिनों तक, खासकर 5 से 7 जनवरी के बीच, राज्य के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी जिलों में घना कोहरा छाए रहने के संकेत हैं.
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि आने वाले 4 से 5 दिनों के दौरान बिहार के कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा बना रह सकता है. तापमान के रुझान पर नजर डालें तो अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, इसके बाद तापमान में फिर 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है. इसी तरह न्यूनतम तापमान में पहले हल्की बढ़ोतरी के बाद दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विज्ञान विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे कोहरे और ठंड को देखते हुए सतर्क रहें. विशेषकर वाहन चालकों, बुजुर्गों और बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. मौसम से जुड़ी विस्तृत और अद्यतन जानकारी के लिए मौसम विज्ञान केंद्र पटना की आधिकारिक वेबसाइट देखने की अपील की गई है।
आम दिनचर्या पर कोहरे और ठंड का खास असर पड़ रहा-
कोहरे और ठंड का असर आम दिनचर्या पर भी साफ दिख रहा है. सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ गई है, लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं और बाजारों में चहल-पहल कम हो गई है. स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र, दिहाड़ी मजदूर और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खेती-किसानी पर भी मौसम का असर पड़ रहा है. रबी फसलों पर ओस और नमी का प्रभाव बढ़ गया है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अधिक नमी के कारण फसलों में फफूंद और कीट रोग का खतरा बढ़ सकता है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों की नियमित निगरानी करें और आवश्यकता पड़ने पर कृषि सलाह के अनुसार दवा का छिड़काव करें।
स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. ठंड और कोहरे के कारण सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार, सांस संबंधी बीमारी और अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है. डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने, गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की अद्यतन जानकारी पर नजर बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में सतर्क रहें. विभाग के अनुसार आने वाले 4-5 दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना बनी रहेगी।
