पटनासिटी(रॉबिन राज, न्यूज़ क्राइम 24): लोक आस्था का महापर्व छठ पर्व को लेकर तमाम श्रद्धालुओं में जबर्दस्त का उत्साह देखा जा रहा है. सोमवार को नहाय-खाय के सूर्य उपासना का महापर्व छठ शुरू हो गया है. खरना को व्रतियों के आत्मिक और शारीरिक शुद्धीकरण के रूप में देखा जाता है. मंगलवार को तमाम छठ व्रतियों ने पूरे दिन उपवास रहकर संध्या में खरना पूजन किया. व्रतियों ने खरना का प्रसाद ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत आरंभ कर दिया. छठ पूजा के दूसरे दिन खरना का प्रसाद बनाने के लिए भी श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया.
छठ व्रतियों ने विभिन्न गंगा से पवित्र जल लाकर खरना का महाप्रसाद बनाया. दोपहर में व्रतियों ने पूरी शुद्धता व पवित्रता के भाव से इस प्रसाद को तैयार किया. प्रसाद के रूप में कहीं खीर, रसिया बनी तो कई जगहों पर अरवा चावल व चना दाल का प्रसाद बना. संध्या में महिलाओं ने स्नान करने के बाद भगवान का पूजन किया. इसके बाद सभी तरह के प्रसाद को भगवान को भोग लगाकर व्रतियों ने खरना का प्रसाद ग्रहण किया. इस दौरान घर की महिलाओं ने छठि मईया के पारंपरिक गीत गाए. व्रतियों के खरना प्रसाद ग्रहण करने के बाद तमाम परिवार के लोगों ने प्रसाद खाए. वहीं श्रद्धालुओं ने पूजा स्थल पर मत्था टेका और प्रसाद के रूप में खीर और रोटी ग्रहण क़िया. खरना का प्रसाद खाने के लिए हर जगह से श्रद्धालु देर शाम तक व्रतियों के घर पहुंचकर खरना का प्रसाद खाते देखे गए. बता दें कि बुधवार शाम को व्रती और श्रद्धालु छठ घाटों में पहुंचकर पहला अर्घ्य देंगे, जबकि गुरुवार सुबह दूसरे अर्घ्य के साथ सूर्योपासना का यह महापर्व संपन्न हो जाएगा।
