हाजीपुर, वैशाली। श्री मारूति हनुमान मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टियों की महत्वपूर्ण बैठक 9 अक्टूबर को शाम चार बजे से रात नौ बजे तक हुई. बैठक में मंदिर की वर्तमान व्यवस्था, ट्रस्ट के संचालन, अनुशासन और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में महासचिव कुमार गौरव के 14 अगस्त 2026 को दिए गए त्यागपत्र पर चर्चा हुई. ट्रस्टियों ने प्रारंभ में त्यागपत्र अस्वीकार करते हुए उन्हें पद पर बने रहने का आग्रह किया. हालांकि, श्री कुमार गौरव ने कहा कि ट्रस्ट के गठन से लेकर भव्य मंदिर निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा महायज्ञ के सफल आयोजन तक उन्होंने महासचिव के रूप में पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य किया है. अब वह चाहते हैं कि यह दायित्व किसी नए व्यक्ति को सौंपा जाए, ताकि नई सोच और कार्यशैली के साथ मंदिर एवं ट्रस्ट का और विकास हो सके. उनके आग्रह का सम्मान करते हुए ट्रस्टियों ने त्यागपत्र स्वीकार कर लिया और सर्वसम्मति से राजीव कुमार ठाकुर उर्फ राजू जी को महासचिव नियुक्त किया. श्री कुमार गौरव ट्रस्ट के सदस्य एवं संरक्षक के रूप में जुड़े रहेंगे।
बैठक में तत्कालीन अध्यक्ष राजीव ब्रह्मर्षि को अध्यक्ष पद से मुक्त करने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से रखा गया. इसके बाद राजीव ब्रह्मर्षि ने अध्यक्ष पद से अपना त्यागपत्र सदन के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया. वह भी ट्रस्ट के सदस्य एवं संरक्षक के रूप में जुड़े रहेंगे।
नई कार्यकारिणी में संजय कुमार सिंह को अध्यक्ष, सुनील कुमार को उपाध्यक्ष, राजीव कुमार ठाकुर उर्फ राजू सिंह को महासचिव और श्री शिव अनुग्रह जी को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।
संस्थापक एवं संरक्षक महंत राघवेन्द्र दास ने बैठक में मंदिर की मर्यादा, पूजा-सेवा की निरंतरता तथा सभी सहयोगियों के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोपरि रखने का आग्रह किया. उन्होंने मंदिर परिसर में हाल के दिनों में हुई अप्रिय घटनाओं, मारपीट, सीसीटीवी उपकरणों को क्षतिग्रस्त किए जाने और हार्डडिस्क ले जाने की घटनाओं को चिंताजनक बताया. उन्होंने इन मामलों में विधिसम्मत कार्रवाई की अपेक्षा करते हुए समाज और प्रशासन से मंदिर परिसर में शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
महंत राघवेन्द्र दास ने कहा कि आने वाले समय में श्री हनुमान जी के प्रति आस्था रखने वाले और मंदिर की सेवा एवं विकास में योगदान देने के इच्छुक श्रद्धालुओं को विभिन्न उपसमितियों से जोड़ा जाना चाहिए. उन्होंने इस दिशा में आवश्यक पहल और व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ट्रस्टियों को सौंपी।
उन्होंने सभी ट्रस्टियों, श्रद्धालुओं और समाज के प्रबुद्ध लोगों से बीते मतभेदों से ऊपर उठकर मंदिर की प्रतिष्ठा, धार्मिक मर्यादा और सामूहिक हित को प्राथमिकता देने की अपील की. नवगठित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि नई व्यवस्था में सभी ट्रस्टी आपसी सहयोग, पारदर्शिता और समर्पण के साथ मंदिर के विकास एवं जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। महंत श्री राघवेन्द्र दास ने कहा कि श्री मारूति हनुमान मंदिर किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि समस्त श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और सामूहिक समर्पण का केंद्र है. इसकी गरिमा, पवित्रता और प्रतिष्ठा की रक्षा करना सभी का साझा दायित्व है।
