कटिहार, (न्यूज़ क्राइम 24) भारत सरकार एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार “राष्ट्रीय पोषण माह-2025” का आयोजन दिनांक 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर 2025 तक जिले में किया जाएगा। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय पोषण अभियान के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान जिले के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में सेविकाओं द्वारा महिलाओं और शिशुओं के परिजनों को गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक पोषण के उपयोग के सभी जरूरी सुविधाओं का उपयोग करते हुए स्वास्थ्य और सुरक्षित रहने के जानकारी दी जाएगी।
पोषण के विभिन्न मुद्दों पर लोगों को किया जाएगा जागरूक :
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (डीपीओ) आईसीडीएस नीलम कुमारी द्वारा बताया गया कि इस वर्ष पोषण माह के अंतर्गत निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर विशेष गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इसमें 1. मोटापा पर नियंत्रण, चीनी और तेल की खपत में कमी 2. प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) / पोषण भी पढ़ाई भी (PBPB) 3. शिशु एवं बाल आहार प्रथाएँ (IYCF) 4. पुरुष सहभागिता 5. स्थानीय वस्तुओं हेतु जन-जागरण (Vocal For Local) – क्षेत्रीय स्तर पर सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता 6. सहयोगी गतिविधियाँ एवं डिजिटलीकरण पर लोगों को जानकारी दी जाएगी। डीपीओ नीलम कुमारी ने बताया कि पोषण माह 2025 का मुख्य उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं, किशोरियों तथा समुदाय के अन्य सदस्यों के पोषण एवं स्वास्थ्य में सुधार लाना है। इस दौरान समुदाय आधारित विभिन्न गतिविधियों जैसे – पंचायत बैठकों, महिला समूहों, युवा समूहों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं,स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, , जीविका दीदी, शिक्षकों एवं स्थानीय पदाधिकारियों के सहयोग से पोषण संबंधी संदेशों का प्रभावी प्रसार किया जाएगा।
पोषण चैंपियनों की प्रेरणादायी कहानियों को भी सामने लाने का किया जाएगा प्रयास :
पोषण जिला समन्वयक, कटिहार अनमोल गुप्ता द्वारा बताया गया कि विशेष पहल के तहत पुरुष देखभालकर्ताओं की सहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा तथा “पोषण चैंपियनों” की प्रेरणादायी कहानियों को भी सामने लाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे समाज के अन्य लोग भी प्रेरणा ले सकें। इसके लिए सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों एवं सामुदायिक संगठनों से अपील की गई है कि उनके द्वारा इस अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करें जिससे कि जिले के हर घर तक संतुलित आहार, स्वास्थ्य और पोषण का संदेश पहुँचे और एक कुपोषण मुक्त समाज की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया जा सके।
