बिहार

जिले में 25 मार्च तक संचालित होगा मिशन परिवार विकास अभियान दो चरणों में होगा अभियान का संचालन, पहला चरण 05 मार्च से होगा शुरू

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अररिया(रंजीत ठाकुर): जिले में रविवार 05 मार्च से मिशन परिवार विकास अभियान की शुरुआत होगी। 25 मार्च तक चलने वाला ये अभियान दो चरणों में आयोजित किया जायेगा। इसे लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने सिविल सर्जन को पत्र जारी कर जरूरी निर्देश दिये हैं। अभियान की सफलता को लेकर सभी जरूरी तैयारियां कर ली गयी हैं। अभियान के क्रम में योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधन अपनाने के लिये प्रेरित किया जायेगा।

दो चरणों में संचालित होगा अभियान

सिविल सर्जन विधानचंद्र सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अभियान दो चरणों में संचालित होगा। प्रथम चरण 05 से 12 मार्च के बीच दंपति संपर्क सप्ताह के रूप में मनाया जायेगा। वहीं 13 से 25 मार्च के बीच संचालित अभियान के क्रम में परिवार नियोजन सेवा सप्ताह आयोजित किया जायेगा।

दंपति संपर्क पखवाड़ा के तहत आम जन को सही उम्र में शादी, शादी के बाद कम से कम 02 साल के बाद पहला बच्चा, दो बच्चों के बीच कम से कम 03 साल का अंतर रखने के साथ-साथ प्रसव या गर्भपात के बाद परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी साधनों के इस्तेमाल के प्रति उन्हें जागरूक करते हुए सुलभता पूर्वक इससे जुड़ी सेवा उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि जारी पत्र में हर महीने के 21 तारीख को सभी चिकित्सा संस्थानों में परिवार नियोजन दिवस के आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।

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परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता अभियान का उद्देश्य

सिविल सर्जन ने बताया कि उच्च प्रजनन दर को नियंत्रित करना अभियान का उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि कुल प्रजनन दर प्रति महिला बच्चों की कुल संख्या में कमी, आधुनिक गर्भनिरोधों के उपयोग को बढ़ाने, गर्भनिरोधक साधनों की सामुदायिक स्तर पर पहुंच सुनिश्चित करने व परिवार नियोजन के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ाने के लिए राज्य स्तर पर मिशन परिवार विकास अभियान की शुरुआत की गयी है।

जन-जागरूकता के साथ संचालित होगा सघन अभियान

परिवार विकास अभियान की जानकारी देते हुए डीसीएम सौरव कुमार ने बताया कि अभियान के प्रति जन जागरूकता लाने के लिये सघन प्रचार अभियान का संचालन किया जायेगा। स्थानीय स्तर पर निर्धारित रूट चार्ट के मुताबिक ई-रिक्शा से शहरी व ग्रामीण इलाकों में इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया जायेगा। ई-रिक्शा पर संबंधित क्षेत्र की आशा फैसिलिटेटर प्रतिनियुक्त किये जायेंगे। प्रचार के क्रम में आमजनों को गर्भनिरोधक साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जायेगी। ई-रिक्शा पर कंडोम बॉक्स, ट्रे पर अस्थायी गर्भनिरोधक के साधन प्रदर्शित किये जायेंगे व आमजनों को उपलब्ध कराये जायेंगे।

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