अररिया, रंजीत ठाकुर : नरपतगंज प्रखंड के खाबदह पंचायत के कन्हैली शिव मंदिर के समीप मैदान में दो दिवसीय संतमत सत्संग का समापन रविवार को हो गया। समापन के मौके पर भागलपुर कुप्पाघाट आश्रम से पहुंचे गुरुसेवी भगीरथ दास जी महराज पधार कर सत्संग प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा सत्संग ज्ञान गंगा को अमृत बताते हुए कहा कि अमृत है बातों की बात, अमृत है संतों के पास, दरिया जा के नाम अनंत जाको पीके अमर भये संत। कहा जो कोई संतों के कथा रूपी अमृत का पान कर लेता है उसका मानव जीवन मंगलमय हो जाता है। उन्होंने कहा कि मानव सुख पाने के लिए हर यतन कर रहे हैं लेकिन फिर भी दुखी हैं। उस दुख को दूर करने के लिए संतों की बातों का अनुसरण करना होगा। इसलिए कहा गया संत शरण जी जन पड़े सो जन उधारण, हार संत कि निंदा मान का बहुड़ी-बहुड़ी अवतार।
भगवान तो भाव के भूखे हैं जो सच्चे दिल से याद करेंगे उनको वे अवश्य हीं मिलेंगे। कहा जो भक्त सत्संग में भाग लेते हैं वह भवसागर को पार कर जाते हैं। उन्होंने कहा ईश्वर ने मानव रूपी शरीर दिया है या मानव शरीर पूर्व जन्मों की कठिन तपस्या से प्राप्त होता है। कहा कि मानव को अपना जीवन व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए अपने दैनिक कार्यों में लीन रहते हुए समय निकालकर भगवत भजन में शामिल होना चाहिए ताकि मन को शांति व आत्म सुख प्राप्ति हो सके। वहीं स्वामी प्रमोद बाबा ने कहा कि सत्संग के द्वारा संतों की शरण में आकर मनुष्य को ईश्वर तक पहुंचने का अवसर प्राप्त होता है इसलिए मनुष्य को सत्संग में शामिल होकर अध्यात्मीय लाभ उठाना चाहिए, संतो के दिखाए मार्ग पर चलकर सदगुरु महाराज की स्तुति करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती है।
सत्संग प्रेमियों को संबोधित करते हुए कुप्पाघाट महर्षि मेंही आश्रम से पहुंचे गुरु प्रसाद बाबा ने कहा कि हम मनुष्य हैं, अत: हमलोगों को अपने धर्म का पालन करना चाहिए। जो अपने धर्म का पालन नहीं करता वह मनुष्य कहलाने का अधिकारी नहीं। बोले कि धन के लालच में फंसकर आज मनुष्य एक-दूसरे के खून का प्यासा बन बैठा है। आपस के रिश्तों को भी बदनाम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि मनुष्य आज मानवता धर्म को भूलकर कुपथगामी होता चला जा रहा है। सत्संग के माध्यम से गलत रास्ते पर चल रहे लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर सत्य के रास्ते पर लाने की जरूरत है। अन्य साधु-महात्माओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सत्संग के आयोजन में राजद नेता सह मुखिया प्रतिनिधि मनीष यादव, दिलीप यादव, महानंद यादव, कुमोद यादव, संपूर्णानंद यादव, ओमप्रकाश यादव शिक्षक, मृत्युंजय कुमार शिक्षक, सुबोध यादव, रौशन कुमार यादव, रंजित शाह, शिवेक शिखर, विवेक कुमार राहुल कुमार आदि सफल बनाने में जुटे रहे हैं।
