पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, बिहार के अंतर्गत एवं सिविल सर्जन, पूर्णिया के निर्देशानुसार सोमवार को जिले के बायसी प्रखंड के सिमलाबाड़ी पंचायत भवन में एकीकृत स्वास्थ्य शिविर (Integrated Health Camp) का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना, विभिन्न बीमारियों की समय पर पहचान करना तथा आम जनमानस के बीच स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देना था।
इस स्वास्थ्य शिविर का संचालन जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. मोहम्मद तनवीर हैदर एवं बायसी प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमर हसन के नेतृत्व में किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों, एएनएम, प्रयोगशाला तकनीशियनों, जीविका दीदियों, आशा कार्यकर्ताओं एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
स्वास्थ्य शिविर के दौरान विभिन्न बीमारियों की स्क्रीनिंग एवं जाँच पर दिया गया विशेष जोर :
एकीकृत स्वास्थ्य शिविर के दौरान विभिन्न बीमारियों की स्क्रीनिंग एवं जाँच पर विशेष जोर दिया गया। इसके अंतर्गत विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं को प्राथमिकता दी गई। इसमें एचआईवी (HIV) एवं सिफलिस (Syphilis) जिसमें संक्रमण की पहचान, आवश्यक जाँच तथा लोगों को जागरूक करने पर विशेष ध्यान देने को प्राथमिकता दी गई। उसी तरह शिविर में एनीमिया (खून की कमी) को देखा गया जिसके लिए लोगों की एनीमिया की पहचान एवं समय पर आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
टीबी (क्षय रोग) में टीबी के संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग करते हुए आवश्यक जाँच एवं आगे की चिकित्सा प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया गया। गैर-संचारी रोग (एनसीडी) में विभिन्न गैर-संचारी बीमारियों की स्क्रीनिंग करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संबंध में लोगों को जानकारी दी गई। शिविर में ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य जाँच, समय पर उपचार एवं उपलब्ध सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा प्रेरित किया गया जिससे कि लोग स्वस्थ्य जीवन का लाभ आसानी से उठा सकें। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण समुदाय तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने, संभावित रोगियों की समय पर पहचान करने तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें आगे की जाँच और उपचार से जोड़ने का प्रयास किया गया।
शिविर के सफल संचालन में निम्नलिखित कर्मियों की सहभागिता रही:
- मंजर आलम – लैब टेक्नीशियन
- सुरेश कुमार सुधांशु – लैब टेक्नीशियन)
- रूचि कुमारी – एएनएम
- कुमारी पूनम सिन्हा – एएनएम
- सोनी कुमारी – जीविका दीदी
- सोनम कुमारी – जीविका दीदी
- सुनीता देवी – आशा फैसिलिटेटर
- वंदना कुमारी – आशा कार्यकर्ता
- तहमीना खातून – आशा कार्यकर्ता
- आभा कुमारी – आशा कार्यकर्ता
- वीणा कुमारी – आंगनबाड़ी सेविका
जिला स्तर से कार्यक्रम का किया गया निगरानी :
एकीकृत स्वास्थ्य शिविर की जिला स्तर से निगरानी जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी (डीएमईओ) आलोक कुमार एवं डीआईसी बैजनाथ प्रसाद द्वारा किया गया। जिला स्तर पर निगरानी का उद्देश्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुँच सुनिश्चित करना है।
जनहित में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण पहल :
एकीकृत स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा लोगों को समय पर जाँच और उपचार के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस प्रकार के शिविरों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की प्रारंभिक पहचान, आवश्यक परामर्श एवं मरीजों को आगे की चिकित्सा सेवाओं से जोड़ने में सहायता मिलती है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग इन शिविरों का लाभ उठाएँ, नियमित स्वास्थ्य जाँच को प्राथमिकता दें तथा किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय रहते स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
