बिहार

बामेती सभागार में “प्रगतिशील एवं लाभकारी कृषि पद्धतियाँ” विषय पर कार्यक्रम का उद्घाटन

फुलवारीशरीफ, अजित। बिहार में किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पटना स्थित बामेती सभागार में “प्रगतिशील एवं लाभकारी कृषि पद्धतियाँ” विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने किया. इस दौरान कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे.
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य किसानों को हर प्रकार की फसल और कृषि से जुड़े कार्यों में आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि किसान अपने पैरों पर मजबूती से खड़े हो सकें. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के उत्पादन बढ़ाने, उनके कृषि व्यापार का विस्तार करने और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि बिहार कृषि प्रधान राज्य है और देश की अर्थव्यवस्था भी कृषि पर आधारित है. ऐसे में किसानों को समृद्ध और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है. सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें खेती के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है।

कृषि मंत्री ने कहा कि धान और गेहूं उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के बाद अब राज्य में दलहन, नकदी और अधिक लाभ देने वाली फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए बिहार को 97 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है. कृषि रोड मैप के तहत राज्य में खाद्यान्न के साथ-साथ फल, सब्जी, बागवानी, मखाना और शहद उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए क्षेत्र, मिट्टी और जलवायु के अनुसार फसल उत्पादन की योजना बनाना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि यदि जिलावार वैज्ञानिक तरीके से खेती की जाए तो उत्पादन और किसानों की आय दोनों में वृद्धि संभव है. उन्होंने हरा चना उत्पादन बढ़ाकर इसे दूसरे राज्यों के बाजार तक पहुंचाने पर बल दिया.

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कृषि विशेषज्ञ अशोक गुलाटी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए मजबूत बाजार व्यवस्था और वैल्यू चेन विकसित करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि बिहार में सड़क और कानून व्यवस्था में सुधार से कृषि व्यापार को मजबूती मिली है. किसानों को पारंपरिक खेती के साथ हाई वैल्यू खेती अपनाने की जरूरत है।

प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है. उन्होंने किसानों से फल, सब्जी और बागवानी फसलों का विस्तार करने की अपील की, जिससे आय के नए अवसर तैयार होंगे। वैज्ञानिक संजीव कुमार झा ने कहा कि दलहन और तिलहन फसलों का विस्तार खेती को टिकाऊ और संतुलित बनाएगा तथा देश की आयात निर्भरता कम करेगा. वहीं बागवानी विशेषज्ञ संजय कुमार सिंह ने कहा कि फल और सब्जी उत्पादन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़कर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। कार्यक्रम में कृषि विभाग के विशेष सचिव बीरेन्द्र प्रसाद यादव और शैलेन्द्र कुमार, कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव, बीआरबीएन के प्रबंध निदेशक स्पर्श गुप्ता, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार, अपर सचिव कल्पना कुमारी सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और जिला स्तर के कृषि पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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