जिला पदाधिकारी पटना-सह-अध्यक्ष, सलाहकार समिति, प्रसव पूर्व निदान तकनीक (विनियमन एवं दुरूपयोग निवारण) अधिनियम, 1994 डॉ. चन्द्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में आज सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें अल्ट्रासाउण्ड अनुज्ञप्ति के बारे में विमर्श किया गया तथा आवश्यक निर्णय लिया गया।
बैठक में सिविल सर्जन द्वारा जिला पदाधिकारी के संज्ञान में लाया गया कि 37 जिला स्तरीय टीम द्वारा 532 अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों की जाँच की गई थी। जाँच प्रतिवेदन के आलोक में गंभीर प्रकृति की कमियों के कारण 32 अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों को सील/प्रतिबंधित किया गया। डीएम डॉ. सिंह ने सिविल सर्जन को शेष अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों के संचालकों के विरूद्ध जाँच प्रतिवेदन के आलोक में कारण पृच्छा करते हुए मंतव्य के साथ शीघ्र प्रस्ताव उपस्थापित करने का निदेश दिया।
सिविल सर्जन, पटना डॉ. श्रवण कुमार द्वारा बताया गया कि अल्ट्रासाउण्ड निबंधन हेतु 138 आवेदन पोर्टल पर प्राप्त हुआ है जिसमें 38 आवेदन नवीकरण के लिए है। जिलाधिकारी ने कहा कि इतनी ज्यादा संख्या में आवेदन लंबित रखना खेदजनक है। उन्होंने नवीकरण हेतु प्राप्त सभी आवेदनों की चेकलिस्ट के अनुसार जाँच कर, त्रुटि निराकरण करने एवं आवश्यकतानुसार नोटिस निर्गत कर एक सप्ताह के अंदर सलाहकार समिति के समक्ष उपस्थापित करने का निदेश दिया ताकि नवीकरण पर प्रावधानों के अनुसार आवश्यक निर्णय लिया जा सके।
डीएम डॉ. सिंह ने शेष आवेदनों का भी प्रावधानों के आलोक में नियमानुसार शीघ्र निष्पादित करने का निदेश दिया।
डीएम डॉ. सिंह ने सिविल सर्जन को निदेश दिया कि अल्ट्रासाउण्ड निबंधन हेतु प्राप्त आवेदनों के निष्पादन के क्रम में फीफो (फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट) का अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित करें। आवेदन प्राप्ति के क्रम के अनुसार ही उसका निष्पादन किया जाए। उन्होंने नये निबंधन के लिए पीसी-पीएनडीटी कानून के तहत नामित नोडल पदाधिकारी द्वारा स्थलीय जाँच कराकर निरीक्षण प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निदेश दिया। अनुमंडलों से प्राप्त आवेदनों के मामले में अनुमंडलीय अस्पतालों के उपाधीक्षकों के मंतव्य के साथ जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाएगा। इन जाँच प्रतिवेदनों को सलाहकार समिति के समक्ष रखा जाएगा ताकि निबंधन पर आवश्यक निर्णय लिया जाए।
आज की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अल्ट्रासाउण्ड निबंधन एवं नवीकरण हेतु इच्छुक आवेदक पोर्टल (http://pcpndt.bihar.gov.in/) पर ही आवेदन करें। साथ ही अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों के संचालकों द्वारा वैधता समाप्ति के एक माह पूर्व नवीकरण हेतु आवेदन अवश्य समर्पित किया जाए अन्यथा उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डीएम डॉ. सिंह ने निदेश दिया कि अल्ट्रासाउण्ड निबंधन हेतु त्वरित कार्रवाई के लिए सलाहकार समिति का पुनर्गठन किया जाए। सिविल सर्जन को निदेश दिया गया कि पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के तहत सलाहकार समिति के पुनर्गठन के लिए 48 घंटा के अंदर प्रस्ताव उपस्थापित करें। इस समिति में यूनिसेफ के प्रतिनिधि, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल विशेषज्ञ, विधि-विशेषज्ञ, जिला जन-सम्पर्क पदाधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में सक्रिय व्यक्ति रहेंगे। पुनर्गठित सलाहकार समिति की बैठक हर दो महीना में कम से कम एक बार होगी तथा अल्ट्रासाउण्ड निबंधन के संबंध में आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
