कटिहार(न्यूज क्राइम 24): जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर सेविकाओं द्वारा नई गर्भवती महिलाओं को पोषण व टीकाकरण सम्बंधित जानकारी देते हुए गोदभराई दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्र में गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य के लिए सन्तुलित खान पान व टीकाकरण की विशेष जानकारी दी गई।
समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) द्वारा महिलाओं को गर्भावस्था के समय बेहतर खानपान और टीकाकरण सम्बंधित जानकारी देने के लिए प्रत्येक महीने के 7 तारीख को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं की गोदभराई का आयोजन करवाया जाता है जिसमें 7 से 9 महीने की गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कर उन्हें सेविकाओं द्वारा आवश्यक जानकारी दी जाती है।
मातृत्व पोषण की दी गई जानकारी
आईसीडीएस कटिहार की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी किशलय शर्मा ने बताया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में गोदभराई दिवस का आयोजन कर सेविकाओं द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं को उनके खान पान की जानकारी दी गयी। उन्हें पौष्टिक आहार व होने वाले शिशु के स्वास्थ्य पर उसके प्रभाव की भी जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के आहार में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट के साथ वसा की भी मात्रा होना जरूरी है। उन्हें हरी साग-सब्जी, सतरंगी फल, दाल, सूखे मेवे एवं दूध का सेवन विभिन्न पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए जरूरी बताया जाता है। केंद्र में गर्भवती महिलाओं को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से मिलने वाले लाभों की भी जानकारी दी जाती है ।
टीकाकरण के महत्व पर हुई चर्चा
गोदभराई कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं व शिशु को लगने वाले टीके की महत्ता पर भी चर्चा की गई। पोषण अभियान के जिला समन्वयक अनमोल गुप्ता ने कहा कि गर्भवती महिला को पहली बार गर्भ धारण करने पर आंगनबाड़ी केंद्र पर टीके लगवाने चाहिए।
जन्म के बाद शिशु का सम्पूर्ण टीकाकरण कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को गर्भावस्था में 4 प्रसव पूर्व जांच करवाने एवं टीकाकरण कार्ड को संभाल कर रखने की सलाह दी गई। टीकाकरण कब और क्यों करवाया जाता है, गोदभराई दिवस पर महिलाओं को विस्तार से इसकी जानकारी दी गई।
मातृ वन्दना योजना की भी दी जानकारी
सरकार द्वारा चलाए जा रहे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी भी दी गई। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के जिला समन्वयक मनीष कुमार पोद्दार ने बताया कि योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को शिशु होने तक तीन किस्तों में कुल 5000 रुपये की राशि सरकार द्वारा दी जाती है। पहली किश्त 1000 रुपये की दी जाती है
जिसके लिए किसी भी सरकारी स्वास्थ्य इकाई में गर्भ धारण करने के 150 दिनों के अंदर पंजीकरण कर जरूरी दस्तावेज जमा करवाना आवश्यक है। कम से कम 1 प्रसव पूर्व जांच करवाने पर 180 दिनों बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये एवं शिशु के जन्म के बाद उनके पंजीकरण व प्रथम चरण के टीकाकरण के बाद तीसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये की राशि दी जाती है।
