अररिया, रंजीत ठाकुर। परिवार नियोजन कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिये संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान के लिये जिले के तीन चिकित्सकों को स्वास्थ्य संबंधी मामलों को लेकर पूर्णिया में आयोजित प्रमंडल स्तरीय समीक्षत्मक बैठक में सम्मानित किया गया है। सम्मान प्राप्त करने वाले चिकित्सकों में अनुमंडल अस्पताल फारबिसगंज में कार्यरत डॉ रेशमा रेजा, सदर अस्पताल में कार्यरत डॉ जीतेंद्र प्रसाद व डॉ संजय कुमार, का नाम शामिल है। इसमें डॉ जीतेंद्र प्रसाद को दो अलग-अलग श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये सम्मानित किया गया है। प्रमंडल स्तरीय समीक्षात्मक बैठक में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये क्षेत्रीय अपर निदेशक डॉ श्रवण कुमार व आरपीएम केशर इकबाल ने उन्हें अपने हाथों से सम्मानित किया। चिकित्सकों को ये सम्मान महिला बंध्याकरण, पुरूष बंध्याकरण, पुरूष नसबंदी व प्रसवोत्तर नसबंदी के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिये दिया गया है।
विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट योगदान के लिये मिला सम्मान
प्रमंडल स्तरीय समीक्षात्मक बैठक में अनुमंडल अस्पताल फारबिसगंज में कार्यरत डॉ रेशमा रेजा को महिला बंध्याकरण मामले प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। जनवरी से दिसंबर 2023 के बीच की अवधि में उनके द्वारा कुल 1555 सफल महिला बंध्याकरण का ऑपरेशन किया गया। वहीं पुरूष नसबंदी मामले में बेहतर योगदान के लिये सदर अस्पताल के डॉ जीतेद्र प्रसाद को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जनवरी से दिसबंर 2023 के बीच डॉ जीतेंद्र प्रसाद द्वारा पुरूष नसबंदी से संबंधित 04 मामले निष्पादित किये गये। वहीं प्रसव के सात दिन बाद प्रसवोत्तर नसबंदी मामले में सदर अस्पताल में भी डॉ जीतेंद्र प्रसाद को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। निर्धारित अवधि के दौरान उनके द्वारा 295 प्रसवोत्तर नसबंदी संपन्न कराया गया। तो इस मामले में सदर अस्पताल में कार्यरत डॉ संजय कुमार दूसरे स्थान पर रहे। डॉ संजय कुमार द्वारा इस दौरान प्रसवोत्तर नसबंदी के 227 मामले निष्पादित किये गये।
नियोजन उपायों के प्रति जन-जागरूकता जरूरी
जिला स्वास्थ्य समिति के कार्यक्रम प्रबंधक संतोष कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण संबंधी उपायों को बढ़ावा देने के लिये सरकार द्वारा मिशन परिवार विकास अभियान संचालित किया जा रहा है। कुल प्रजनन दर, प्रति महिला बच्चों की कुल संख्या में कमी, आधुनिक गर्भनिरोधों के उपयोग को बढ़ाने, गर्भनिरोधक साधनों की सामुदायिक स्तर पर पहुंच सुनिश्चित कराने व परिवार नियोजन के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ाने देना इसका उद्देश्य है। जिले मे परिवार नियोजन संबंधित उपायों को बढ़ावा देने के लिये जिला स्वास्थ्य विभाग सतत प्रयासरत है।
अररिया उच्च प्रजनन दर वाले जिलों में शामिल
सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने परिवार नियोजन संबंधी मामलों को लेकर आयोजित प्रमंडल स्तरीय समीक्षात्मक बैठक में बेहतर प्रदर्शन के लिये सम्मान प्राप्त करने वाले सभी चिकित्सकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अररिया राज्य के उच्च प्रजनन दर वाले जिलों की सूची में शामिल है। लिहाजा जनसंख्या नियंत्रण संबंधी उपायों को बढ़ावा देना जरूरी है। ताकि बढ़ती जनसंख्या के कारण सीमित संसाधन पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सके। साथ ही परिवार व समाज की खुशहाली के आधार को मजबूती प्रदान किया जा सके।
