काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार तिहाड़ जेल प्रशासन ने माना है कि पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की मौत कोरोना से हो गई है

पटना(अजीत यादव): राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के करीबी हत्या समेत तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मामलों में तिहाड़ जेल में बंद सजायाफ्ता बिहार के सिवान के पूर्व बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन का कोरोना से मौत हो गयी। अपने समर्थकों में साहेब के नाम से मशहूर सिवान के पूर्व बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन की तबियत बिगड़ने पर तिहाड़ जेल से दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्प्ताल में कोरोना संक्रमण का इलाज चल रहा था जहाँ उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था । शहाबुद्दीन की मौत की खबर से दिल्ली से सिवान तक पूरे बिहार में राजद समर्थको में शोक की लहड़ दौड़ गई। शहाबुद्दीन सिवान में एसपी रहे बच्चु सिंह मीणा पर गोलियां चलाने के बाद प्रतापपुर पुलिस मुठभेड़ और बीजेपी नेता के दो पुत्रों को तेजाब से नहलाकर मार डालने के मामले में सुर्खियों में आ गए थे। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के करीबी और मुसलमान वोटरों को राजद से बांधे रखने में शहाबुद्दीन का ही रुतबा माना जाता है । इसके अलावा सिवान के पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में भी सिवान के साहेब का नाम आया था। कई वर्षों तक जेल में बंद शहाबुद्दीन हाल के दिनों में जब जेल से छूटे थे तो सीएम नीतीश कुमार को परिस्थितियों का मुख्यमंत्री बताकर सरकार की नाराजगी मोल ले लिया था और एक बार फिर से उन्हें जेल जाना पड़ा था। सिवान जेल से तिहाड़ जेल जाने और फिर तबियत बिगड़ने पर कोर्ट ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के एक अस्पताल में न्यायिक सुरक्षा में इलाज कराने की अनुमति दी थी। हालांकि कोरोना संक्रमण से ग्रस्त होने के बाद पूर्व सांसद शाहबुद्दीन को दिल्ली में एलजेएनपी अस्प्ताल में कोरोना का इलाज कराया जा रहा था जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखने के बाद बिहार में शुक्रवार को जूमे की नमाज में सेहत सलामती के लिए विशेष दुआएं भी हुई थी लेकिन तमाम दुआओं औऱ चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद सिवान के साहेब पुर्व सांसद शहाबुद्दीन की जान नहीं बचाई जा सकी.

बिहार के सीवान लोकसभा सीट से पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन हत्या के मामले में तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। शहाबुद्दीन के खिलाफ तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मामले चल रहा था। 15 फरवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सीवान जेल से तिहाड़ जेल लाने का आदेश दिया था। शहाबुदीन को सिवान में सिर्फ बाहुबली ही नही बल्कि गरीबो की मददगार रॉबिनहुड की छवि के लिए भी याद किया जाएगा। कहते हैं सिवान में साहेब के फरमान पर गरीब परिवारों में खुशी की लहड़ दौड़ गयी थी,जब एक समय कोई डॉक्टर बीस रुपये से ज्यादा फीस गरीब मरीजों के इलाज में नही ले सकता था । इसके लिए बाकायदा सिवान के सांसद रहते शहाबुद्दीन ने एलान कर दिया था कि गरीब मरीजों के इलाज में डॉक्टर बीस रुपये ही फीस ले सकते हैं। इसके अलाबा सिवान में शहाबुद्दीन के चुनाव लड़ने पर उनके खिलाफ कोई दूसरा प्रत्याशी प्रचार दफ्तर तक खोलने की हिमाकत नही कर पाता था। ऐमें सिवान से निर्दलीय ओम प्रकाश यादव ने सिवान से शहाबुद्दीन को हराकर हलचल मचा दिया था। जेल में बंद राजद सांसद रहे शहाबुद्दीन की पत्नी शहाब को सिवान की जनता ने दो दो बार लोकसभा चुनाव में नकार दिया उसके बावजूद राजद में शहाबुद्दीन का रुतबा कम नही हुआ ।

तिहाड़ जेल में बंद 100 से ज्यादा कैदियों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया था। जिसके बाद जेल के अंदर हड़कंप मच गया था। जिसके बाद तिहाड़ जेल प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया था। जिसके बाद पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को इलाज के लिए दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी आज निधन हो गई।