पटना, रॉबीन राज। राजधानी पटना में जनवरी से मई तक के बीच अपराध के आंकड़ों पर नजर डालें तो वाहन चोरी, हत्या, बलात्कार, डकैती, लूट, हथियार बरामदगी जैसे मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2025 के पहले पांच महीनों में वाहन चोरी के सर्वाधिक 2335 मामले दर्ज किए गए, जो कि अन्य अपराधों की तुलना में कहीं अधिक हैं।

हत्या के मामले स्थिर, बलात्कार के आंकड़ों में गिरावट-
हत्या के मामले 2022 और 2025 दोनों में 116 रहे, जबकि 2024 में ये संख्या बढ़कर 142 हो गई थी। वहीं बलात्कार के मामलों में 2024 में सबसे अधिक 71 केस दर्ज हुए थे, जबकि 2025 में यह घटकर 41 पर आ गए।
लूट के मामलों में गिरावट, डकैती पर नियंत्रण-
लूट के मामले 2023 में 91 थे, जो 2025 में घटकर 47 हो गए। डकैती के मामले भी नियंत्रित दिखाई दे रहे हैं। 2024 में 15 मामलों के मुकाबले 2025 में 10।
हथियार बरामदगी और चोरी में बढ़ोतरी-
हथियार बरामदगी के मामलों में बढ़त दर्ज की गई है। 2023 में 139 के मुकाबले 2025 में 196। वहीं चोरी के मामलों में 2024 में 417 तक पहुंचने के बाद 2025 में हल्की गिरावट के साथ 343 मामले दर्ज हुए।
वाहन चोरी बना बड़ी चुनौती-
वर्ष 2023 में 2871 वाहन चोरी के मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में घटकर 2335 हुए हैं, लेकिन यह आंकड़ा अब भी सभी अपराधों में सर्वाधिक है।
