बिहार

अनुमंडलीय अस्पताल धमदाहा में फाइलेरिया क्लिनिक शुरू, स्थानीय लोगों को होगी सहूलियत

पूर्णिया(न्यूज क्राइम 24): फाइलेरिया बीमारी से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर अनुमंडलीय अस्पताल धमदाहा के परिसर में फाइलेरिया क्लिनिक (एमएमडीपी) का शुभारंभ चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कुमार अभिषेक के द्वारा किया गया है। अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार ने बताया कि स्थानीय प्रखंड क्षेत्र में फाइलेरिया मरीज़ों की संख्या लगभग 327 है। इसको विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए प्रत्येक मंगलवार को स्थायी रूप से (फ़िक्स डे सर्विसेज) के तहत कार्य किया जाएगा। वहीं फाइलेरिया क्लिनिक के शुभारंभ के दौरान दो मरीज़ों में एमएमडीपी किट का वितरण किया गया है। इस अवसर पर बीसीएम बिनोद कुमार, वीबीडीएस रूपेश कुमार, नेत्र सहायक शाहिद, लिपिक संतोष कुमार झा, जीएनएम फूलवती कुमारी, एएनएम रुक्मणि सहित कई अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

परजीवी क्यूलैक्स फैंटीगंस मादा मच्छर के काटने से फैलता है फाइलेरिया: डॉ आरपी मंडल


जिला वैक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ आरपी मंडल ने बताया कि फाइलेरिया (हाथीपांव) मरीजों की देखभाल के लिए अनुमंडलीय अस्पताल धमदाहा के ओपीडी में रुग्णता प्रबंधन एवं विकलांगता रोकथाम (एमएमडीपी) फाइलेरिया क्लिनिक का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि परजीवी क्यूलैक्स फैंटीगंस मादा मच्छर के काटने से फाइलेरिया बीमारी फैलती है। जब यह मच्छर किसी फाइलेरिया से ग्रस्त व्यक्ति को काटता तो वह संक्रमित हो जाता है। फिर यह मच्छर किसी स्वस्थ्य व्यक्ति को काटता तो फाइलेरिया के विषाणु रक्त के माध्यम से उसके शरीर में प्रवेश कर उसे भी फाइलेरिया से ग्रसित कर देते हैं। लेकिन ज्यादातर संक्रमण अज्ञात या मौन रहते और लंबे समय बाद इनका पता चल पाता है। इस बीमारी का कारगर इलाज नहीं है। इसकी रोकथाम ही इसका समाधान है।

प्रत्येक मंगलवार को सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक फाइलेरिया क्लिनिक का होगा संचालन:

Advertisements
Ad 1

डॉ कुमार अभिषेक अनुमंडलीय अस्पताल धमदाहा के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कुमार अभिषेक ने बताया कि फाइलेरिया क्लिनिक का शुभारंभ होने से स्थानीय मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने में किसी प्रकार से कोई परेशानी नहीं होगी। हालांकि पहले भी उपचार किया जाता था लेकिन क्लिनिक नहीं होने से थोड़ी सी परेशानी होती थी। लेकिन अब यहां के मरीजों को किसी तरह की कोई असुविधा नहीं होगी। फाइलेरिया क्लिनिक का संचालन प्रत्येक मंगलवार को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। इसमें हाथीपांव के मरीज सलाह, उपचार एवं सफाई को लेकर प्रतिनियुक्त प्रशिक्षित स्टाफ़ नर्स (जीएनएम) फूलवती कुमारी से जानकारी ले सकते हैं।

प्रतिनियुक्त स्टाफ़ नर्स के माध्यम से दी जाएगी जानकारी: डीपीओ


केयर इंडिया के डीपीओ चंदन कुमार ने कहा कि ज़िले के फाइलेरिया मरीजों को बेहतर सुविधाएं एवं क्लीनिकल ट्रीटमेंट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पताल सहित ज़िले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मार्डीबिलिटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी (एमएमडीपी) प्रीवेंशन क्लिनिक खोलने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया था। जिसके आलोक में फाइलेरिया क्लिनिक का शुभारंभ किया गया है। प्रतिनियुक्त स्टाफ़ नर्स के माध्यम से फाइलेरिया से बचाव, उपचार तथा लक्षणों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

Related posts

मुख्यमंत्री ने जिले में चल रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का लिया जायजा

समृद्धि यात्रा के दौरान सुपौल जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की : मुख्यमंत्री

मूल्य वृद्धि अविलंब वापस नहीं लेने पर राज्य व्यापी आंदोलन की भाकपा ने दी चेतावनी

error: