पटना, न्यूज़ क्राइम 24। भारत में एमएसएमई द्वारा एक मूक क्रांति हो रही है. वे अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं में कुल उद्यमों का 90% से अधिक हिस्सा बनाते हैं और उन्हें रोज़गार वृद्धि की उच्चतम दर पैदा करने का श्रेय दिया जाता है.” यह कथन है टी. पी. एस. कॉलेज, पटना के प्रधानाचार्य प्रो.( डॉ.) उपेंद्र प्रसाद सिंह का जो मंगलवार को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के बिहार इकाई एवं जंतु विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम’ के अंतर्गत आयोजित छात्र -संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर श्री सौरभ सुमन, महासचिव, लघु उद्योग भारती ने कहा कि सफल उद्यमी होने के लिए हमें विचार, गुणवत्ता और धैर्य के साथ कुछ नया करने के लिए तैयार रहना होगा. जिससे समाज के कमजोर वर्गों के लिए भी साधन जुटाने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर MSME-DFO विभाग के सहायक निदेशक संजीव आजाद ने कहा कि हमें कुछ बड़ा सपना देखना होगा. मैं भी आगे नौकरी से सेवानिवृत्त होकर उद्यम स्थापित करने की योजना बना रहा हूँ. चाणक्य नेशनल ला यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर डॉ सैफुल्लाह ने कहा कि नवोन्मेष के लिए युवाओं को यह भरपूर अवसर प्रदान करता है. जिसमें उनके द्वारा सीखी गई वैज्ञानिक चेतना और अनुसंधान बहुत मददगार साबित हो सकती है.सफल उद्यमी छाया तिवारी ने कहा कि स्किल इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसे कई अभियानों से सरकार इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य करते हुए इस सेक्टर को काफी बढावा दे रही है ताकि देश आर्थिक प्रगति की राह पर आगे बढ़ सके. कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योत्स्ना कुमारी ने कहा कि सतत विकास के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह रोजगार के साधन जुटाने के साथ-साथ समावेशी विकास का महत्वपूर्ण घटक है।
कार्यक्रम का संयोजन और संचालन MSME-DFO के सहायक निदेशक श्री रविकांत ने किया. उन्होंने अपने संबोधन में केंद्र सरकार द्वारा लॉन्च की गई कई योजनाओं और उसमें मिलने वाली सरकारी सहायता की जानकारी दी.कार्यक्रम में दर्शनशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. श्यामल किशोर ने कहा कि हमें नए सम्भावनाओं की तलाश करते हुए उद्योगों की स्थापना करके अपने देश सामाजिक और आर्थिक प्रगति में योगदान करना होगा. कार्यक्रम में राजनीति- शास्त्र विभाग की सहायक प्रोफेसर नूतन कुमारी, मनोविज्ञान विभाग के डॉ. रघुवंश मणी , डॉ. धर्मराज राम ऊर्दू विभाग के प्रोफेसर अबु बकर रिजवी के साथ श्याम बाबु शर्मा, सौरभ कुमार, विशाल कुमार, दीपक कुमार के साथ बहुत सारी छात्र-छात्राएं मौजूद थी।
