बिहार

बिहार तकनीकी सेवा आयोग के समक्ष डिप्लोमा फार्मासिस्टों का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) हाई कोर्ट के आदेश एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के बावजूद बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा फार्मासिस्टों के फाइनल रिजल्ट प्रकाशित नहीं करने से अपने भविष्य को ले कर चिंतित एवं हतोत्साहित सैकड़ों अभ्यर्थी डिप्लोमा फार्मासिस्ट ऑर्गनाइजेशन, छात्र संघ, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार चौधरी की अध्यक्षता में बिहार तकनीकी सेवा आयोग के समक्ष मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हो गए हैं एवं बिहार तकनीकी सेवा आयोग से फाइनल रिजल्ट प्रकाशित करने तक वहीं भूख हड़ताल पर बने रहने की जिद किए हुए हैं। अभ्यर्थी फार्मासिस्ट के 2473 पदों पर बहाली के लिए परीक्षा के 1 वर्ष एवं दस्तावेज सत्यापन के चार माह बीतने के बाद भी आयोग द्वारा फाइनल रिजल्ट जारी नहीं करने पर आयोग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। डिप्लोमा फार्मासिस्ट ऑर्गनाइजेशन छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार चौधरी ने आयोग को पत्र लिख कर शुक्रवार तक फाइनल रिजल्ट जारी करने का अल्टीमेटम दिया था रिजल्ट जारी नहीं करने की स्थिति में सोमवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया था।

अभ्यर्थियों ने कहा कि पटना हाई कोर्ट में लंबित अवमाननावाद अरविंद कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में स्वास्थ्य विभाग आयोग से चार सप्ताह में चयन प्रक्रिया पूरी कर अनुशंसित अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध कराने का आग्रह एवं इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कर चुका है। इसके बावजूद आयोग ना तो विभागीय निर्देशों का पालन कर रहा है और ना ही उच्च न्यायालय के आदेशों का। फार्मासिस्ट बहाली में हो रही देरी पर पटना हाई कोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाया है, कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग और आयोग को चार सप्ताह के भीतर 2473 पदों पर नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण करने का आदेश देते हुए चेतावनी दी है अन्यथा स्वास्थ्य सचिव को न्यायालय में उपस्थित होना है।

Advertisements
Ad 1

आयोग की कार्यशैली पर सवाल खुद आयोग द्वारा जारी 2026 का वार्षिक कैलेंडर खड़ा करता है, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोग को 14 नवंबर 2024 को ही फार्मासिस्ट के 2473 पदों पर नियमित नियुक्ति हेतु विज्ञापन प्रकाशित कर चयन प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए अधियाचना प्राप्त करा चुका था लेकिन आयोग द्वारा अधियाचना प्राप्त होने के लगभग 4 महीने बाद छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन करने के बाद विज्ञापन प्रकाशित किया गया एवं अप्रैल 2026 में सभी सफल अभ्यर्थियों की अनुशंसा स्वास्थ्य विभाग को भेजने की अनुमानित तिथि निर्धारित की थी, लेकिन आयोग अपने ही वार्षिक कैलेंडर में तय सीमा तक फाइनल रिजल्ट प्रकाशित नहीं कर सकी है। आयोग के समक्ष चिलचिलाती धूप में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में सैकड़ों डिप्लोमा फार्मासिस्ट अभ्यर्थी शामिल रहे।

Related posts

जनसुनवाई कार्यक्रम आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन चुका है : श्रवण कुमार

बिहार में जब तक NDA सरकार रहेगी दीपक प्रकाश मंत्री रहेंगे : उपेन्द्र कुशवाहा

17 जून को राज्यभर के सभी जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रीय जनता दल की ओर से धरना दिया जाएगा : एजाज अहमद

error: