बिहार

न्यायालय की सख्ती : बिल्डर अजीत आजाद समेत रुक्मणी बिल्डटेक के 5 निदेशकों की इश्तहार से तलाश

फुलवारीशरीफ, अजित। संपतचक प्रखंड के एकतापुरम भोगीपुर स्थित निर्माणाधीन अपार्टमेंट परियोजना “छत्रपति शिवाजी ग्रींस” से जुड़े यथास्थितिवाद मामले में 19 मार्च को सिविल जज (सीनियर डिवीजन), पटना ने रुक्मणी बिल्डटेक लिमिटेड के निदेशकों के खिलाफ कड़ा और प्रभावशाली आदेश पारित किया है। न्यायालय ने अजीत आजाद, मानब कुमार सिंह, अमित कुमार चौबे, राजीव कुमार ठाकुर और रेणु आजाद के खिलाफ अखबारों में इश्तहार प्रकाशित करने का आदेश दिया है. इसे न्यायालय की अवमानना के मामलों में एक असाधारण और सख्त कदम माना जा रहा है, जिससे रियल एस्टेट क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

ज्ञात हो कि पटना हाईकोर्ट के आदेश पर आर्बिट्रेशन अवार्ड पारित होने के बाद न्यायालय ने सप्लीमेंट्री शेयर डिस्ट्रिब्यूशन के अनुसार रुक्मणी बिल्डटेक के हिस्से की सभी वाणिज्यिक और आवासीय संपत्तियों पर खरीद, पुनःखरीद, बिक्री, पुनःबिक्री, किराया, लीज और ऋण से जुड़े लेन-देन पर पूर्ण रोक लगा दी थी. इसके बावजूद निदेशकगण ने अदालत के आदेशों की गंभीर अवहेलना की और कथित गैरकानूनी गतिविधियाँ जारी रखीं।

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न्यायालय ने यह भी पाया कि बिल्डर को कई अवसर दिए जाने के बावजूद संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं प्रस्तुत किया गया और न ही किसी सुधार की पहल हुई. इस निरंतर अवज्ञा को अदालत ने कानून के शासन और न्याय के प्रति चुनौती माना है। इस संदर्भ में पीड़ित भूस्वामी के अधिवक्ता सत्यप्रकाश नारायण ने कहा कि “यह आदेश न केवल इस मामले में न्याय सुनिश्चित करता है, बल्कि रियल एस्टेट क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं और खरीदारों के शोषण के खिलाफ एक सख्त चेतावनी भी है. ऐसे आदेश भविष्य में बिल्डरों को कानून की अवहेलना करने से रोकेंगे।

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