बिहार

नुक्कड़-नाटक के माध्यम से आम लोगों को उचित पोषण के प्रति किया जायेगा जागरूक

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अररिया(रंजीत ठाकुर): जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के प्रयासों के तहत 20 मार्च से 03 अप्रैल के बीच पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इसे लेकर विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियानक के क्रम में मिलेट्स यानी मोटे अनाज के महत्व से अवगत कराते हुए इसके इस्तेमाल के लिये प्रेरित किया जाना है।

इसी कड़ी में मंगलवार को समाहरणालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त मनोज कुमार ने पोषण के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जन जागरूकता रथ को हरी झंड़ी दिखाकर क्षेत्र भ्रमण के लिये रवाना किया। इस क्रम में भूमि सुधार उप समाहर्ता देवेंद्र प्रताप शाही, आईसीडीएस डीपीओ रंजना सिंह, जिला कल्याण पदाधिकारी अजीत कुमार सिन्हा, सहायक योजना पदाधिकारी संतोष कुमार सुमन, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी उपेंद्र कुमार यादव, जिला पोषण समन्वयक कुणाल श्रीवास्तव सहित अन्य मौजूद थे।

उचित पोषाहार के प्रति लोगों को जागरूक करना उद्देश्य
उप विकास आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि पोषण पखवाड़ा के तहत पोषण आधारित नुक्कड़-नाटक के माध्यम से आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाकट दल को हरी झंडी दिखाकर क्षेत्र भ्रमण के लिये रवाना किया गया है। नुक्कड़ नाटक का अयोजन जिला जनसंपर्क कार्यलय के माध्यम से किया जा रहा है। जो सभी प्रखंडों का भ्रमण करते हुए नुक्कड़ नाटक के माध्यम से उचित पोषाहार के प्रति आम लोगों को जागरूक करने का कार्य करेगा।

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नुक्कड़ नाटक दल द्वारा हर दिन तीन अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि पोषण पखवाड़ा के दौरान समग्र रूप से व्यक्तिगत व सामुदायिक स्तर पर व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, किशोरियों व छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों के पोषण स्तर में अपेक्षित सुधार लाने हेतु जन भागीदारी से गतिविधियों का आयोजन कर जन आंदोलन का रूप दिये जाने का प्रयास है।

मोटे अनाज में उपलब्ध होते प्रचुर पोषक तत्व

डीपीओ आईसीडीएस रंजना सिंह ने बताया कि पोषण पखवाड़ा के तहत आम लोगों को मोटे अनाज के सेवन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज में प्रचूर चूर मात्रा में पोषक तत्व उपलब्ध होते हैं। कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिहाज से भी इसका नियमित सेवन महत्वपूर्ण है। जिला पोषण समन्वयक कुणाल श्रीवास्वत ने बताया कि विशेष पखवा़डा के क्रम में जीविका समूह की बैठक, स्थानीय जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक, नुक्कड़ नाटक, किशोर समूह के साथ बैठक, टीकाकरण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल शिक्षा, फूड फोर्टीफिकेशन, किशोरोवयों की शिक्षा संबंधी विषयों पर जागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित किये जाने की जानकारी उन्होंने दी।

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