बिहार

नवरात्रि के संदेश को जीवन में उतारने का आह्वान, सर्वमंगला मंच ने किया नुक्कड़ नाटक का मंचन

पटना, अजित। सर्वमंगला सांस्कृतिक मंच के साप्ताहिक नुक्कड़ नाटक की श्रृंखला में महेश चौधरी लिखित एवं मिथिलेश कुमार पांडे निर्देशित नाटक “नवरात्रि का महत्व” की प्रस्तुति की गई।

नाटक की शुरुआत करण कुमार के स्वरबद्ध गीत “नवगो पाप जला के खत्म कर दी ना भईया काम, क्रोध, मोह, लोभ, हिंसा, झूठ, ईर्ष्या, अहंकार और चोरी…” से हुई।

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नाटक के माध्यम से यह दिखाया गया कि समाज में बुराइयां और असमानताएं रावण के पुतले की तरह हैं. हर साल बड़ी आसानी से रावण के पुतले को तो जलाकर खत्म कर देते हैं, पर अच्छा तो तब होगा जब हम अपनी बुराइयों को भी इसके साथ जला दें. त्योहारों पर हम सिर्फ परंपरा निभाते हैं, लेकिन उनके पीछे छिपे संदेश और संकेतों को जीवन में नहीं उतारते।

यह पर्व हमें बताता है कि अन्याय और अधर्म का विनाश निश्चित है, लेकिन हम इन्हें भूलकर त्योहार को केवल मनोरंजन तक ही सीमित कर देते हैं. दशहरे के इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि समाज और देश की प्रगति के लिए हमें अपनी बुराइयों को रावण के पुतले के साथ सदा के लिए जलाना होगा. बदलाव हमें खुद से शुरू करना है, क्योंकि हमारे भीतर आया परिवर्तन ही दूसरों को बदलने के लिए प्रेरित करेगा। नाटक के कलाकारों में महेश चौधरी, सौरव, करण, प्रमोद, सौरभ, अंजनी, देव दर्शन, श्रीकांत, सक्षम, अंशी, मोनिका, पूजा, अनुष्का, आकाशी और रिया भारती शामिल थे।

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