- एबीएचए निर्माण में पांचवीं और हेल्थ रिकॉर्ड लिंकिंग में चौथी रैंक, सुधार के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति ने तैयार की रणनीति
पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में बिहार ने स्कैन एंड रजिस्टर में देश में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार की 21 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इस श्रेणी में राज्य में 8.12 करोड़ का आंकड़ा दर्ज किया गया है। वहीं, एबीएचए (आभा ) निर्माण में बिहार पांचवें और स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंकिंग में चौथे स्थान पर है। इन दोनों क्षेत्रों में रैंकिंग सुधारने की संभावना को देखते हुए राज्य स्तर पर आगे की रणनीति तैयार की गई है।
एबीएचए निर्माण में पांचवीं रैंक :
रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में अब तक 6.77 करोड़ एबीएचए बनाए गए हैं। इस श्रेणी में राज्य की रैंक पांचवीं है और उपलब्धि 54.4 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, एबीएचए से स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंकिंग में 9.14 करोड़ का आंकड़ा दर्ज किया गया है। इस श्रेणी में बिहार चौथे स्थान पर है।
ओपीडी काउंटर पर ही आभा आईडी बनाने पर जोर :
राज्य स्वास्थ्य समिति की कार्ययोजना में एबीएचए निर्माण बढ़ाने के लिए अस्पतालों के ओपीडी पंजीकरण काउंटर पर ही एबीएचए बनाने पर जोर दिया गया है, ताकि मरीजों को दोबारा कतार में न लगना पड़े। गांवों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं तथा एएनएम के माध्यम से एबीएचए कैंप चलाने की भी योजना है। इसके साथ ही सही मोबाइल नंबर दर्ज करने और जिन लोगों का मोबाइल नंबर आधार से पंजीकृत नहीं है, उनके लिए फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से एबीएचए बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।
स्कैन एंड रजिस्टर में पहला स्थान बनाए रखने की तैयारी :
स्कैन एंड रजिस्टर में देश में पहला स्थान बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में क्यूआर कोड को स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाली जगह पर लगाने और उसे चालू रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है। काउंटर कर्मचारियों को क्यूआर कोड स्कैन कर ओपीडी टोकन बनाने का नियमित प्रशिक्षण देने के साथ पोस्टर, बैनर और घोषणाओं के माध्यम से मरीजों में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंकिंग को नियमित प्रक्रिया बनाने की योजना :
स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंकिंग को बढ़ाने के लिए ओपीडी पर्ची, लैब रिपोर्ट और डिस्चार्ज समरी को एबीएचए से जोड़ने की प्रक्रिया को नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाने की योजना है। इससे डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के तहत स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंकिंग की प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद मिलेगी। राज्य की रणनीति का उद्देश्य स्कैन एंड रजिस्टर में हासिल पहले स्थान को बनाए रखना और एबीएचए निर्माण तथा स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंकिंग में बिहार की रैंकिंग में सुधार करना है।
