पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार सरकार मत्स्य पालन के माध्यम से राज्य के मछुआरों और मत्स्य पालकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है. इसी क्रम में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मत्स्य प्रभाग द्वारा मत्स्य पालकों के लिए सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना लागू की गई है।
इस योजना का उद्देश्य मत्स्य व्यवसाय से जुड़े सक्रिय मछुआरों और मत्स्य कृषकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है. योजना के तहत राज्य के सभी जिलों में मत्स्य कार्य में संलग्न मत्स्य पालकों को आच्छादित किया जा रहा है. बीमा योजना में बीमा राशि का 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि लाभार्थियों को किसी प्रकार का प्रीमियम नहीं देना होगा।
योजना का लाभ 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग के सक्रिय मछुआरों और मत्स्य पालकों को मिलेगा. किसी दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण अपंगता की स्थिति में बीमित व्यक्ति के आश्रित को 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. वहीं स्थायी आंशिक अपंगता की स्थिति में 2.50 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा आकस्मिक दुर्घटना में अस्पताल में इलाज की स्थिति में चिकित्सा व्यय के लिए 25 हजार रुपये तक की राशि बीमा कंपनी द्वारा प्रदान की जाएगी।
सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इच्छुक मत्स्य पालक 31 दिसंबर 2025 तक fisheries.bihar.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं. योजना से संबंधित अधिक जानकारी आधिकारिक वेबसाइट state.bihar.gov.in/ahd/CitizeHome.html पर या संबंधित जिला मत्स्य कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
