अररिया(रंजीत ठाकुर): मच्छर के काटने से होने वाले रोगों में डेंगू बेहद खतरनाक रोग है। इस घातक बीमारी की वजह हर साल देश में हजारों लोगों की जानें जाती हैं । डेंगू के सबसे अधिक मामले बारिश के दिनों में सामने आते हैं। लिहाजा इस समय डेंगू से बचाव को लेकर ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत होती है। डेंगू के प्रति आम लोगों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिये हर साल 16 मई को राष्ट्रीय स्तर पर डेंगू दिवस का आयोजन किया जाता है। मौके पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न आयोजनों के माध्यम से लोगों को रोग से बचाव संबंधी उपायों के प्रति जागरूक किया जाता है। इस साल भी डेंगू दिवस के मौके पर विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में जागरूकता संबंधी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा।
जन जागरूकता से डेंगू पर पूर्ण नियंत्रण संभव –
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि डेंगू का लार्वा मुख्य रूप से जमे हुए साफ पानी में पैदा होता है। इसके लिये जुलाई से लेकर अक्टूबर का महीना काफी मुफीद माना जाता है। लिहाजा इस दौरान रोग के खतरों के प्रति ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि एडीज नामक मच्छर के काटने से डेंगू का रोग होता है। रोग पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर कोई विशिष्ट दवा या टीका फिलहाल उपलब्ध नहीं है। जन जागरूकता व मच्छरों के प्रजनन को रोकना ही इससे बचाव का उपाय है।
आसपास के माहौल का स्वच्छ व सुंदर बनाये रखना जरूरी-
जागरूकता के दम पर डेंगू के मामलों को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। डेंगू के मच्छर आम मच्छर से अलग होते हैं। जो दिन के रोशनी में काटते हैं। मच्छरों को आसपास पनपने से रोकने के लिये जरूरी है कि हम आसपास के माहौल को स्वच्छ व सुंदर बनाये रखें। नियमित रूप से जलजमाव वाले क्षेत्रों की सफाई करना, एसी, कूलर, फूल का गमला व अन्य जगहों पर पानी जमा नहीं होने देना रोग से बचाव के लिहाज से महत्वपूर्ण है। डेंगू दिवस के मौके पर रोग के लक्षण, उपचार, प्रतिरोध व सावधानियों के प्रति जागरूकता को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाने की जानकारी उन्होंने दी।
