फुलवारीशरीफ, अजीत। जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना में आज “फिर से उड़ान – ट्रॉमा सर्वाइवर्स प्रोग्राम” का आयोजन हुआ, जिसमें 45 ट्रॉमा सर्वाइवर्स ने अपनी जिंदगी की जंग जीतने की प्रेरणादायक कहानियाँ साझा कीं।
इन मरीजों में कोई सड़क हादसे का शिकार रहा, तो किसी ने ब्रेन इंजरी, हड्डी टूटने या आंतरिक रक्तस्राव जैसी गंभीर स्थितियों को मात देकर नया जीवन पाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अभिषेक कुमार (प्रमुख, इमरजेंसी एंड ट्रॉमा विभाग) ने की। इस अवसर पर डॉ. रवि शंकर सिंह (मेडिकल डायरेक्टर), डॉ. राजीव रंजन सिन्हा (निदेशक, ऑर्थोपेडिक विभाग), डॉ. शुभलेश कुमार (क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ), और डॉ. साकेत बल्लभ (रेडियोलॉजी विभाग) मौजूद रहे।
विशेषज्ञों ने ट्रॉमा के “गोल्डन ऑवर” यानी पहले एक घंटे की महत्ता पर जोर देते हुए बताया कि किस तरह इस अवधि में लिए गए सही फैसले जीवन रक्षक साबित होते हैं।
डॉक्टर्स ने यह भी बताया कि मेदांता हॉस्पिटल में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम और फुर्तीली निर्णय प्रणाली की वजह से दर्जनों जानें बचाई जा सकी हैं।
डॉ. रवि शंकर सिंह ने कहा, “इस तरह के कार्यक्रम मरीजों का आत्मविश्वास तो बढ़ाते ही हैं, साथ ही हमारे मेडिकल स्टाफ को भी यह अनुभव कराते हैं कि उनकी मेहनत कितनी जिंदगियों को नई राह दे रही है।
मरीजों और उनके परिजनों ने मेदांता अस्पताल के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि उन्हें यहाँ सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का संवेदनशील व्यवहार भी मानसिक राहत देने वाला लगा।कार्यक्रम के अंत में सभी ट्रॉमा सर्वाइवर्स को सम्मानित किया गया और उन्हें ‘नई उड़ान’ के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।
