इमामगंज(अरुणजय प्रजापति): प्रखंड अंतर्गत स्थानीय बस स्टैंड के पास स्थानीय युवाओं ने ठंड के प्रकोप से जरूरतमंदों को बचाने के लिए एक नई पहल की शुरूआत की है। युवाओं ने गरीबों को ठंड से बचाने के लिए नेकी की दीवार बनाई है।
जिसके जरिए लोग अपने घरों में रखे पुराने गर्म वस्त्र गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए यहां रख सकेंगे। यहां से गरीब और बेसहारा लोगों को मुफ्त में कपड़े उपलब्ध कराए जाते हैं। जानकारी हो कि पहले भी इमामगंज में जरूरतमंदों को सहारा के लिए नेकी की दीवार चलाई जाती थी।
लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह पहल रोक दी गई थी। लेकिन अब इसे फिर से शुरू किया गया है ताकि जितना हो सके लोगों की मदद की जा सके।
वहीं इस संबंध सामाजिक कार्यकर्ता सोनल सिंह ने बताया कि सर्दियों का मौसम है। लेकिन बहुत से लोग सड़क किनारे या फुटपाथ पर रहने को मजबूर हैं। ऐसे लोगों के लिए यह पहल की गई है ताकि उन्हें गर्म कपड़े के साथ उनको पहनावे के अन्य कपड़े आदि मिल सकें। इसलिए इमामगंज बस स्टैंड में इमामगंज के आधा दर्जन सामाजिक युवाओं के द्वारा यह कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
उन्होंने कहा कि जिनके पास कोई पुराने कपड़े हैं, जो दूसरों के काम आ सकते हैं वे इन कपड़ों को या अन्य कोई और सामान को जरूरतमंदों के लिए दान कर सकते हैं। नेकी की दीवार का उद्देश्य यही है कि जो समर्थ हैं वे दे जाएं और जो जरूरतमंद हैं वे यहां से ले जाएं। उन्होंने आगे कहा कि यहां जरूरतमंद लोग आते हैं और अपने साइज के हिसाब से कपड़े ले जाते हैं।
इस पहल को अच्छा फीडबैक मिल रहा है। अगर किसी को अपनी जरूरत के हिसाब से कपड़े नहीं मिलते हैं तो वे नेकी की दीवार के पास बैठे कर्मचारी या फिर वहां पर दिए गए मोबाइल नंबर पर अपनी जरूरत बता सकते हैं।
ताकि उनके लिए प्रबंध किया जा सके। इसके लिए बस स्टैंड के पास दो कर्मचारी हमेशा यहां ड्यूटी करते हैं और सामान की देखभाल करते हैं। फिलहाल इसकी शुरुआत इमामगंज किया गया है।
कुछ दिनों के बाद इसकी शुरुआत बांकेबाजार, डुमरिया, मैगरा और रानीगंज में किया जाएगा। वहीं इस मौके पर राहुल सिंह, राकेश यदुवंशी, रौशन सिंह, छोटू लाल, शिवम सिंह, सौरभ सिंह, विक्की सिंह एवं अन्य लोग मौजूद थे।
